ओडिशा: छत्तीसगढ़ से 10% अधिक इनाम का असर, 22 माओवादियों का आत्मसमर्पण
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा सरकार द्वारा माओवादियों के लिए घोषित नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. मंगलवार को राज्य में 22 माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया, जिसका श्रेय पुलिस ने हाल ही में बढ़ाई गई इनाम राशि को दिया है.
ओडिशा का नया पैकेज पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक आकर्षक है. इस नीति को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने कालाहांडी, मलकानगिरी और कोरापुट सहित नौ माओवादी प्रभावित जिलों के जंगलों में पोस्टर लगाकर नए इनामों का व्यापक प्रचार किया था.
राज्य की 27 नवंबर को अधिसूचित संशोधित नीति के तहत, अब इनाम की राशि में 10 प्रतिशत की सीधी वृद्धि के साथ-साथ 5 लाख रुपये से अधिक का इनाम रखने वाले कैडरों के लिए 10 लाख रुपये की अतिरिक्त एकमुश्त राशि का प्रावधान किया गया है.
इसके चलते सेंट्रल कमेटी के सदस्य के आत्मसमर्पण पर ओडिशा में अब 1.20 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि छत्तीसगढ़ में यह राशि 1 करोड़ रुपये है.
डीजीपी वाई बी खुरानिया और एडीजी संजीव पांडा के अनुसार, चूंकि ओडिशा में सक्रिय लगभग 95 प्रतिशत माओवादी छत्तीसगढ़ से आते हैं, इसलिए उन्हें ओडिशा के अधिकार क्षेत्र में आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
नकद इनाम के अलावा, सरकार इन पूर्व नक्सलियों को अंत्योदय गृह योजना के तहत आवास, स्वास्थ्य कार्ड और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगी.