निजी भागीदारी के लिए खुला परमाणु ऊर्जा क्षेत्र
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंज़ूरी दे दी है, जो निजी क्षेत्र के लिए कड़े नियंत्रण वाले असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के दरवाज़े खोल देगा. यह कदम भारत के 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 'सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' (SHANTI) विधेयक को मंज़ूरी दी गई.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में अपने बजट भाषण के दौरान परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी की योजना की घोषणा की थी.
उन्होंने अनुसंधान और विकास के लिए 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 'परमाणु ऊर्जा मिशन' की भी घोषणा की थी.
इस मिशन का उद्देश्य छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) पर काम करना और 2033 तक पाँच स्वदेशी रूप से विकसित SMRs को चालू करना है.