अब सरकार बदलने की लड़ाई हो- उद्धव ठाकरे
मुंबई । डेस्क: संसद के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला बोला है. मुंबई में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि अब देश में एक ऐसी सरकार को बदलने के लिए लड़ाई शुरू होनी चाहिए जो जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है.
उद्धव ठाकरे ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं और इसके कारण छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा.
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार देश के युवाओं का भविष्य चुरा रही है. इन गंभीर मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर बैठने का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा, "यह लड़ाई सिर्फ सोनम वांगचुक के लिए नहीं है, बल्कि एक गैर-जवाबदेह सरकार को बदलने की है."
लद्दाख में सैनिकों के लिए सोलर टेंट बनाने और पानी के संकट को दूर करने के लिए 'आइस स्तूप' का निर्माण करने वाले सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए ठाकरे ने सवाल उठाया कि ऐसे देशभक्त को "देशद्रोही" कैसे कहा जा सकता है?
उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि साल 2011 में जब अन्ना हजारे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था. उन्होंने सवाल किया कि आखिर मोदी सरकार वांगचुक के साथ ऐसा रुख क्यों नहीं अपना रही है?
गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में कथित धांधली और इसके बाद उपजे हालातों के विरोध में 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं. उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में उनकी पार्टी के छह लोकसभा सांसद पाला बदलकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं.