नोएडा: वेतन वृद्धि को लेकर भड़के मजदूर, आगजनी और तोड़फोड़
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा में सोमवार को वेतन वृद्धि और काम के घंटों को लेकर चल रहा श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिससे दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60 सहित कई इलाकों में प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने जमकर उत्पाद मचाया, जिसमें वाहनों में आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं.
स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और "न्यूनतम बल" का प्रयोग करना पड़ा. दरअसल, पड़ोसी राज्य हरियाणा द्वारा न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी किए जाने के फैसले ने नोएडा के श्रमिकों में असंतोष की चिंगारी सुलगा दी है.
हरियाणा में अब एक अकुशल श्रमिक को कम से कम 15,220 रुपये और अर्ध-कुशल श्रमिक को 16,780 रुपये मासिक मिल रहे हैं, जबकि नोएडा के अधिकांश श्रमिकों का कहना है कि वे 15,000 रुपये से भी कम कमा रहे हैं.
वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के बीच, प्रदर्शनकारी अब न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये करने और 12 घंटे की शिफ्ट के बजाय 8 घंटे का कार्यदिवस निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं.
नोएडा की सड़कों पर उतरे हजारों श्रमिकों का कहना है कि कंपनियों में उनका शोषण किया जा रहा है, जहां न तो समय पर भोजन मिलता है और न ही महिला सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं. बिहार से आए एक श्रमिक विनय महोती ने बताया कि वे केवल केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन और ओवरटाइम के उचित भुगतान की मांग कर रहे हैं. इस हिंसा के बाद राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है.
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर "पूंजीपतियों का पोषण और श्रमिकों के शोषण" का आरोप लगाते हुए कहा कि एकतरफा नीतियों के कारण ही यह आंदोलन उग्र हुआ है.
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए कहा कि विज्ञापन खाली पेट नहीं भर सकते और आंसू गैस के गोले भूख का जवाब नहीं हैं.
हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों को श्रम कानूनों का पालन करना होगा और श्रमिकों को उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन उन्होंने अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.
जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए सक्रियता दिखाई है. जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब गौतम बुद्ध नगर में ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना अनिवार्य होगा.
प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों में सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कंट्रोल रूम नंबर (1202978231, 1202978232, 1202978862, 1202978702) भी जारी किए हैं.
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने चेतावनी दी है कि हिंसा भड़काने वाले "बाहरी तत्वों" की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी.
इस हंगामे का सबसे बुरा असर यातायात पर पड़ा है. सोमवार सुबह काम पर निकलने वाले लोग घंटों तक चिल्ला बॉर्डर, सेक्टर 62 और नोएडा लिंक रोड पर फंसे रहे. वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारों के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को नोएडा जाने के लिए डीएनडी या एनएच-24 का उपयोग करने की सलाह दी है. फिलहाल, पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को बहाल रखा जा सके.