चंपत राय पर किसी ने नहीं बनाया था दबाव: विहिप
अयोध्या । डेस्क: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफे को एक "बहादुरी भरा कदम" बताया है. उन्होंने उन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि चंपत राय पर इस्तीफा देने के लिए कोई दबाव बनाया गया था.
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय पर न तो संगठन और न ही प्रधानमंत्री कार्यालय या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई दबाव था. यह पूरी तरह से उनका निजी फैसला था.
आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि चंपत राय राम मंदिर के खजाने से हुई चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं. वे नहीं चाहते थे कि पद पर बने रहने के कारण उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप लगें. पुलिस इस मामले में चंपत राय से पूछताछ कर चुकी है और वे आगे भी सहयोग के लिए तैयार हैं.
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि वे अपने ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ टीनू की इस करतूत से पूरी तरह अनजान थे. टीनू उन आठ आरोपियों में शामिल है जिन्हें मंदिर के लॉकर से पैसे और कीमती सामान चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
चंपत राय ने कहा कि उन्हें मई के अंत में चोरी का पता चला था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की और सरकार व पुलिस को सूचित किया.
दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर सियासत भी गरमा गई है. अयोध्या में उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
वहीं, यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई बड़े नेताओं को नजरबंद किए जाने की भी खबर है. पुलिस ने राम मंदिर के पास प्रदर्शन कर रहे करीब 100 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.