NMDC छत्तीसगढ़ उत्पादन में अग्रणी
नई दिल्ली । डेस्क: सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनी एनएमडीसी ने जुलाई 2025 में छत्तीसगढ़ में अपने खनन कार्यों में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी ने इस महीने में लौह अयस्क उत्पादन में 42.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष जुलाई के 2.17 मिलियन टन (एमटी) की तुलना में 3.09 मिलियन टन तक पहुंच गया.
छत्तीसगढ़ डिवीजन में लौह अयस्क उत्पादन में 54.92 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो 1.89 मिलियन टन तक पहुंचा. इसके साथ ही, इस डिवीजन में बिक्री 9.69 प्रतिशत बढ़कर 2.15 मिलियन टन हो गई, जो पिछले वर्ष जुलाई में 1.96 मिलियन टन थी.
कर्नाटक डिवीजन में भी एनएमडीसी ने जुलाई 2025 में उत्पादन में 26.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 1.20 मिलियन टन तक पहुंचा. इस डिवीजन में बिक्री 19.09 प्रतिशत बढ़कर 1.31 मिलियन टन हो गई, जो पिछले वर्ष जुलाई में 1.10 मिलियन टन थी.
कंपनी की कुल लौह अयस्क बिक्री जुलाई में 13.07 प्रतिशत बढ़कर 3.46 मिलियन टन हो गई, जो पिछले वर्ष के 3.06 मिलियन टन से अधिक है.
एनएमडीसी लौह अयस्क के खनन और उत्पादन के साथ-साथ हीरा उत्पादन, स्पंज आयरन की बिक्री और पवन ऊर्जा उत्पादन में भी सक्रिय है.
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,477.68 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया.
यह 7.9 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि के साथ हुआ, जो जनवरी-मार्च तिमाही में 7,004.59 करोड़ रुपये तक पहुंचा.
वित्त वर्ष 2024-25 में एनएमडीसी ने 44.04 मिलियन टन उत्पादन और 44.4 मिलियन टन बिक्री के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया.
कंपनी ने चौथी तिमाही में 12.66 मिलियन टन की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की, जो इसके स्थापना के बाद से सबसे अधिक है.
विस्तार योजनाओं को मजबूत करते हुए, एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 2025 में 3,707 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड स्टैंडअलोन पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) दर्ज किया, जो क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश को दर्शाता है.
वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में उत्पादन 13.27 मिलियन टन रहा, जबकि बिक्री में तिमाही और वार्षिक आधार पर सुधार हुआ.
तीसरी तिमाही की तुलना में बिक्री में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वर्ष की चौथी तिमाही के 12.54 मिलियन टन की तुलना में यह 12.66 मिलियन टन तक पहुंच गई.
घरेलू लौह अयस्क की बढ़ती मांग, निर्यात में कमी और मर्चेंट माइनिंग की वृद्धि ने एनएमडीसी की स्थिरता में योगदान दिया.