NCERT ने किताब पर मांगी माफी, वितरण पर लगाई रोक
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका के भीतर "भ्रष्टाचार" से संबंधित एक अनुभाग को शामिल करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी है. यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले पर बुधवार, 25 फरवरी 2026 को स्वतः संज्ञान लेने के बाद उठाया गया है.
एनसीईआरटी ने इस सामग्री को "अनुचित" और "निर्णय की चूक" बताते हुए कहा कि यह गलती अनजाने में हुई थी.
विवादित अध्याय 'समाज में न्यायपालिका की भूमिका' में भ्रष्टाचार, मामलों के भारी बैकलॉग और न्यायाधीशों की कमी को न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों के रूप में दर्शाया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने इसे "चयनात्मक संदर्भ" करार दिया है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ 26 फरवरी को सुनवाई करेगी.
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर इस पुस्तक के वितरण को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.
एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान बढ़ाना है और इस सामग्री को विशेषज्ञों के परामर्श के बाद फिर से लिखा जाएगा, ताकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संशोधित पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें.