नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम ₹5 एवं डीजल के दाम ₹3 बढ़ाए
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बीच निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नायरा एनर्जी ने भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है. रूस के रोस्नेफ्ट द्वारा समर्थित इस कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा किया है.
स्थानीय करों (VAT) के कारण कुछ राज्यों में यह बढ़ोतरी ₹5.30 प्रति लीटर तक पहुंच गई है. नायरा एनर्जी भारत की पहली बड़ी फ्यूल रिटेलर बन गई है जिसने लंबे समय से चले आ रहे 'प्राइस फ्रीज' को तोड़ते हुए वैश्विक इनपुट लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला है.
कच्चे तेल की कीमतें हाल ही में 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गई हैं, जिसका मुख्य कारण ईरान के तेल केंद्रों और कतर के औद्योगिक शहरों पर हुए हमले बताए जा रहे हैं.
चूंकि निजी ईंधन विक्रेताओं को सरकारी तेल कंपनियों की तरह सरकार से कोई सब्सिडी या मुआवजा नहीं मिलता, इसलिए बढ़ती आयात लागत के कारण नायरा को यह कदम उठाना पड़ा है.
हालांकि, रिलायंस-बीपी (Jio-bp) ने अभी कीमतों में बदलाव नहीं किया है.
दूसरी ओर, इंडियन ऑयल (IOCL) और एचपीसीएल (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल (XP95 और Power) की कीमतों में ₹2.35 तक की वृद्धि कर दी है.
निजी और सरकारी पंपों के बीच बढ़ते रेट के अंतर के कारण हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और 'पैनिक बाइंग' की स्थिति देखी जा रही है. कई निजी पंपों पर 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगने के बाद लोग सरकारी केंद्रों की ओर भाग रहे हैं, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम और कैब के किरायों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
इस स्थिति पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए आयात के स्रोतों में विविधता लाई है और देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है. तेल कंपनियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी न करें.