जूनियर वकीलों को 20 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की सिफारिश
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय बार काउंसिल ने युवा और जूनियर अधिवक्ताओं की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए न्यूनतम मासिक स्टाइपेंड तय करने की सिफारिश की है. बार काउंसिल ने शहरी क्षेत्रों में जूनियर अधिवक्ताओं के लिए 20,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 15,000 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड का सुझाव दिया है.
काउंसिल ने बताया कि केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में पहले से ही राज्य सरकारों, राज्य बार काउंसिलों या बार एसोसिएशनों के माध्यम से जूनियर वकीलों के लिए स्टाइपेंड अथवा वित्तीय सहायता की योजनाएं लागू हैं.
महाराष्ट्र के संदर्भ में भारतीय बार काउंसिल ने स्पष्ट किया कि राज्यव्यापी स्टाइपेंड योजना लागू करने के लिए राज्य बार काउंसिल स्तर पर एक ठोस कार्यान्वयन ढांचे अथवा राज्य सरकार समर्थित योजना की आवश्यकता होगी, जिसमें बजटीय प्रावधान, पात्रता मानदंड, सत्यापन और ऑडिट की व्यवस्था शामिल हो.
भारतीय बार काउंसिल ने 15 अक्टूबर 2024 को जारी परिपत्र में सभी राज्य बार काउंसिलों और बार एसोसिएशनों से अपील की थी कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं, सहायक अधिवक्ताओं और लॉ फर्मों से जुड़े जूनियर वकीलों के लिए न्यूनतम स्टाइपेंड सुनिश्चित किया जाए.
यह जानकारी कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.