'किसानों के हितों की रक्षा के लिए दीवार बनकर खड़े रहेंगे'- मोदी
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए दीवार की तरह खड़े रहेंगे. उन्होंने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने 103 मिनट के भाषण में यह बात कही.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत चल रही है, जिसमें अमेरिका भारत से कृषि और डेयरी क्षेत्रों में शुल्क रियायतें मांग रहा है.
मोदी ने कहा, "भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा."
उन्होंने अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का जिक्र किए बिना यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी हानिकारक नीति के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं. अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर यह टैरिफ लागू करने की घोषणा की है, जो वर्तमान 25 प्रतिशत से दोगुना है.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के लिए पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, और छठे दौर के लिए अमेरिकी टीम 25 अगस्त को भारत आने वाली थी, लेकिन अभी तक इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है.
दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखते हैं.
अमेरिका भारत से मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम, इथेनॉल और डेयरी उत्पादों पर शुल्क कम करने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ने इन मांगों का विरोध किया है, क्योंकि इससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका प्रभावित होगी.
भारत ने पहले भी ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड जैसे व्यापारिक साझेदारों को ऐसी रियायतें नहीं दी हैं.
2024-25 में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार 131.8 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 86.5 अरब डॉलर और आयात 45.3 अरब डॉलर था.
अप्रैल-जुलाई 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64 प्रतिशत बढ़कर 33.53 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 12.33 प्रतिशत बढ़कर 17.41 अरब डॉलर रहा.