मनरेगा: कांग्रेस ग्राम में चलाएगी जन-जागरूकता अभियान
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए 'विकसित भारत-जी राम जी बिल 2025' को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है. राज्य कांग्रेस ने गुरुवार को घोषणा की कि वह इस नए कानून के कथित दुष्प्रभावों से ग्रामीण श्रमिकों को अवगत कराने के लिए प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी.
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ग्राम सभाओं के माध्यम से नए कानून को 'गरीब समर्थक' बता रही है, जबकि वास्तव में यह ग्रामीण भारत को मिलने वाली रोजगार की कानूनी गारंटी को कमजोर करता है.
बैज के अनुसार, नए कानून में काम की कानूनी गारंटी को खत्म कर इसे कार्यपालिका के विवेकाधीन निर्णयों पर छोड़ दिया गया है, जो करोड़ों मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला है.
कांग्रेस ने अपने सभी जिला, ब्लॉक और शहर अध्यक्षों सहित विभिन्न अनुषांगिक संगठनों को निर्देश जारी किए हैं कि वे आगामी ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और भाजपा के दावों की 'पोल' खोलें.
पार्टी का लक्ष्य ग्रामीणों के बीच जाकर यह स्पष्ट करना है कि किस तरह पुराने मनरेगा ढांचे में बदलाव उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को प्रभावित कर सकता है.