नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता और भारतीय GST के असर से MNCs के मुनाफे में गिरावट
काठमांडू । डेस्क: नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता, कमजोर अंतरिम सरकार और भारत के संशोधित वस्तु एवं सेवा कर (GST 2.0) के प्रभाव ने देश में सक्रिय बहुराष्ट्रीय कंपनियों की वित्तीय सेहत बिगाड़ दी है. देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी निर्माता, यूनीलीवर नेपाल ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो घटकर 431 मिलियन रुपये रह गया है.
कंपनी की कुल आय में भी 8.23 प्रतिशत की कमी आई है. यूनीलीवर के अनुसार, भारत में पिछले साल 22 सितंबर से लागू हुए नए GST ढांचे के कारण सीमावर्ती शहरों में भारतीय उत्पादों की अनौपचारिक आवक बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पाद महंगे और अप्रतिस्पर्धी हो गए हैं.
इसके अलावा, नेपाली रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 145 के स्तर पर पहुँचना और कच्चे माल की बढ़ती लागत ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है.
राजनीतिक मोर्चे पर, युवाओं के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और बड़े पैमाने पर हो रहे युवाओं के पलायन ने घरेलू खपत को बुरी तरह प्रभावित किया है.
यूनीलीवर नेपाल ने स्पष्ट किया है कि नीतिगत देरी और विनियामक बाधाओं के कारण इन मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है.
दूसरी ओर, कोका-कोला की निर्माता बॉटलर्स नेपाल (बालाजू) ने भी स्वीकार किया है कि युवाओं के विदेश पलायन और उत्पादों की कम क्रय शक्ति के कारण उसे 290 मिलियन रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, हालांकि लागत प्रबंधन के जरिए घाटे को पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम करने में सफलता मिली है.
आगामी 5 मार्च को होने वाले संघीय चुनावों से पहले कंपनियां बाजार में सुधार को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि मुद्रा अवमूल्यन और कमोडिटी महंगाई अभी भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं.