नागपुर से लापता नाबालिग छत्तीसगढ़ में मिला
नागपुर । डेस्क: नागपुर पुलिस को 'ऑपरेशन शोध 2' के तहत डेढ़ साल पहले नागपुर के एक किशोर गृह से लापता हुए दो नाबालिगों में से एक को खोजने में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि लापता बच्चे को छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ तालुका के धनहरी गांव से ढूंढकर सुरक्षित बचा लिया गया है.
कपिलनगर के पतंकर चौक स्थित किशोर गृह में रहने वाले दो नाबालिग 5 मई 2024 को तड़के करीब 3:30 बजे बिना बताए संस्थान से चले गए थे और वापस नहीं लौटे. कोराडी के रहने वाले 58 वर्षीय शिकायतकर्ता कृष्णा श्यामराव हिवराले ने कपिलनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आशंका जताई थी कि बच्चों को कुछ अज्ञात लोग फुसलाकर ले गए हैं. शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष रूप से 'ऑपरेशन शोध 2' नाम का एक अभियान शुरू किया. क्राइम ब्रांच और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन यूनिट ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर समानांतर जांच शुरू की. विश्वसनीय सूचनाओं और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांचकर्ताओं को पता चला कि लापता लड़कों में से एक छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ तालुका के धनहरी गांव में है.
13 नवंबर 2025 को पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर नाबालिग को ढूंढ निकाला और हिरासत में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ की. अधिकारियों ने बच्चे की काउंसलिंग की और फिर उसे आगे की कानूनी औपचारिकताओं और देखभाल के लिए कपिलनगर पुलिस को सौंप दिया गया.
इस ऑपरेशन को पुलिस आयुक्त रवींद्रकुमार सिंघल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) वसंत परदेशी, उपायुक्त (जांच) राहुल मकनिकर और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) अभिजीत पाटिल जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने मार्गदर्शन दिया. इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाले फील्ड अधिकारियों में महिला पुलिस निरीक्षक ललिता तोडसे, एएसआई राम निरगुलवार, सचिन श्रीराम और ऋषिकेश डुमरे शामिल रहे.
बरामद नाबालिग को काउंसलिंग दी गई है और उसे उचित बाल कल्याण प्राधिकरण के सामने पेश किया जाएगा. दोनों लड़कों के लापता होने के हालात और अज्ञात व्यक्तियों की कथित संलिप्तता की जांच अभी भी जारी है.