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महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी अनिवार्य

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23 अग. 2026, 06:04 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

मुंबई टैक्सी
मुंबई टैक्सी

मुंबई । डेस्क: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है. 15 अगस्त की तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद राज्य परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान के तहत अब तक 5,211 चालकों का परीक्षण किया जा चुका है, जिसमें से व्यावहारिक मराठी बोलने और समझने में असमर्थ पाए गए 777 चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.


सड़कों पर उतरकर RTO मार्शल ले रहे व्यावहारिक परीक्षा


परिवहन विभाग की ओर से इस अभियान को काफी व्यावहारिक और कड़ा बनाया गया है. क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने राज्य की सड़कों पर विशेष मार्शलों को तैनात किया है. ये मार्शल और अधिकारी मुंबई के दहीसर चेक नाका, दादर स्टेशन रोड और अंधेरी स्टेशन रोड जैसे व्यस्त ऑटो-रिक्शा स्टैंड्स और प्रमुख चौराहों पर जाकर चालकों का सीधे सामना कर रहे हैं.

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अधिकारी चालकों से रोज़मर्रा की बातचीत से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं; जैसे- 'आपको कहाँ जाना है?', 'मीटर चालू कीजिए', 'वहाँ पहुँचने में कितना समय लगेगा?', 'क्या आपके पास छुट्टे पैसे हैं?', 'भुगतान कैश करेंगे या ऑनलाइन?' और 'रिक्शा स्टैंड कहाँ है?'. इन सवालों के ज़रिए चालकों के व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन किया जा रहा है. जांच के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है.


मराठी सीखने के लिए मिला एक महीने का समय


जांच में असफल रहने वाले चालकों को तुरंत दंडित करने के बजाय एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि चालकों को मराठी सीखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि दिए गए समय के भीतर नियम का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह जांच अभियान 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा.


नए बैच और लाइसेंस के लिए मराठी का ज्ञान आवश्यक


महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम 1989 और संशोधन नियम 2026 के नियम 4(4), 78 और 85 के तहत परमिट नवीनीकरण और नए बैच जारी करने के लिए मराठी का ज्ञान अनिवार्य है. राज्य में कुल 9.65 लाख और अकेले मुंबई में 4.62 लाख से अधिक लाइसेंस धारक हैं. मंत्री सरनाईक ने साफ किया है कि अब नया बिल्ला (बैच) केवल उन्हीं चालकों को दिया जाएगा जो व्यावहारिक मराठी में सहज होंगे. नियमों का उल्लंघन करने पर धारा 22(3A) के तहत लाइसेंस तीन महीने तक निलंबित या रद्द किया जा सकता है.


प्रशिक्षण शिविरों से चालकों को मिला सहयोग


इस नियम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए पिछले 105 दिनों से 'कोंकण मराठी साहित्य परिषद' और 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' द्वारा 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान' चलाया जा रहा था. इस पहल के तहत लगभग 1.65 लाख चालकों ने मराठी भाषा का प्रशिक्षण लिया. हाल ही में ठाणे के गडकरी रंगायतन में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री उदय सामंत और वरिष्ठ साहित्यकार मधु मंगेश कर्णिक की मौजूदगी में सफल चालकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP