आबकारी परीक्षाः ड्रेस कोड के चलते वंचित रह गए कई परीक्षार्थी
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में रविवार को आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में प्रवेश को लेकर जमकर हंगामा हुआ. ड्रेस कोड और ओरिजिनल आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते कई परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित हो गए.
परीक्षा हाल में प्रवेश से पहले कड़ी जांच की गई. महिलाओं को काले कपड़े बदल कर आने को कहा गया. सलवार कुर्ती पहनकर आई महिलाओं को हाफ बांह की कुर्ती पहनने के लिए कहा गया.
कुछ परीक्षार्थी भागते-दौड़ते कपड़ा खरीदने दुकान पहुंचे. जब तक वे लौटे दरवाजा बंद हो गया था. काफी मिन्नतों के बाद भी उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया. लड़कों के भी जूते और बेल्ट उतरवाए गए
कुछ दिन पहले ही बिलासपुर में पीडब्ल्यूडी सब-इंजीनियर परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद व्यापमं ने कुछ नियम बदले हैं. इसी के चलते परीक्षा हाल में प्रवेश से पहले कड़ी जांच की गई.
गाइडलाइन में बताया गया था कि परीक्षा सेंटर में जूते पहनकर आने पर बैन है. परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश दिया जाएगा. साथ ही, हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया था.
इसके बाद भी बहुत से परीक्षार्थी नियमों का पालन नहीं करते हुए काफी डार्क और काले कलर के कपड़े पहन कर पहुंचे थे.
राजधानी रायपुर में 90 परीक्षा सेन्टर बनाए गए थे. परीक्षा का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक रहा. लेकिन प्रवेश के लिए सुबह 10.30 बजे तक परीक्षा हाल में पहुंचना था. 10:30 बजे के बाद गेट बंद कर दिया गया.
रायपुर के सभी सेन्टरों में कड़ाई से जांच की गई. डार्क और काले कपड़े पहनकर पहुंचे परीक्षार्थियों को कपड़ा बदलने कहा गया. कुछ महिला परीक्षार्थी कपड़ा खरीदने दुकान गईं और 2 मिनट की देरी से पहुंचीं, जब तक दरवाजा बंद हो चुका था.
बता दें कि पूरे छत्तीसगढ़ में 200 पदों के लिए आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 33 जिलों में एक साथ आयोजित की गई. प्रदेश में कुल 900 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे. 200 पदों के लिए प्रदेश भर में करीब 2 लाख 70 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिए.
खैरागढ़ में कलेक्टर निवास का घेराव
खैरागढ़ में प्रवेश नहीं मिलने पर परिथार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित अभ्यर्थियों ने कलेक्टर निवास पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे परीक्षा सेंटर पर टाइम से पहले पहुंचे थे. लेकिन ड्रेस कोड का हवाला देकर उन्हें एंट्री से रोक दिया गया. जब वे कपड़े बदलकर लौटे, तब तक सेंटर के गेट बंद कर दिए गए थे. इस कारण वे परीक्षा देने से वंचित रह गए.
इस मामले में नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर रेणुका रात्रे ने कहा कि व्यापम की ओर से परीक्षा निर्देशों में कुछ परिवर्तन किए गए हैं. इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है. सभी प्रवेश पत्रों में भी स्पष्ट रूप से हल्के रंग के कपड़े पहनने के निर्देश दिए गए थे। अगर अभ्यर्थी निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो इसके लिए वे ही जिम्मेदार हैं.
जांजगीर-चांपा में अव्यवस्था का आरोप
जांजगीर-चांपा के चांपा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों ने अव्यवस्था का आरोप लगाया है. यहां दर्जनों अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो गए हैं.
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे. फिर भी उन्हें यह कहकर अंदर जाने से रोक दिया गया कि केंद्र बंद हो गया है.
कुछ ने बताया कि हल्का भूरा शर्ट पहनने के बाद भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. वहीं कुछ को प्रवेश पत्र में गड़बड़ी का हवाला देकर रोक दिया गया.
कलावा उतरवाने पर भड़के अभ्यर्थी
सूरजपुर जिले में भी परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ है. हिंदूवादी संगठनों ने केंद्राध्यक्ष पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है.
यहां के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में केंद्राध्यक्ष द्वारा परीक्षा में शामिल होने आए छात्रों के हाथ से पवित्र सूत्र (कलावा) उतरवाने पर मामला तूल पकड़ लिया है.
हिन्दू संगठनों का कहना है कि इससे हिंदू समुदाय की भावनाएं आहत हुईं हैं. घटना के बाद स्कूल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
रायगढ़ में 2703 अनुपस्थित
रायगढ़ जिले में आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. यहां 11,343 अभ्यर्थियों में 8, 640 ही परीक्षा देने आए. बाकी 2703 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे.
जिले के सभी सेंटरों में प्रवेश से पहले कड़ाई से जांच की गई. जो अभ्यर्थियों हाथ में कड़ा, रिंग, चाबी लेकर पहुंचे थे उन्हें उतरवा कर केंद्र के बाहर जमा कराया गया.
फुल शर्ट और डार्क कपड़े पहनकर आए कुछ परीक्षार्थियों को प्रवेश ही नहीं दिया गया. लड़कियों की कान की बालियां तक उतरवा दी गईं.
इसके अलावा कन्या हाई स्कूल के परीक्षा केंद्र में साढ़े दस बजे के बाद आने वाले 4-5 अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया. नटवर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से भी 1-2 अभ्यर्थियों को वापस लौटाया गया.