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ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती

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16 जून 2026, 07:11 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

ममता-सुवेंदु
ममता-सुवेंदु

कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अब कानूनी लड़ाई का रास्ता अख्तियार कर लिया है. मंगलवार दोपहर अचानक कोलकाता हाई कोर्ट पहुंचकर ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजों को आधिकारिक तौर पर चुनौती दे दी. 


उन्होंने इस सीट से नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की जीत को अवैध ठहराने की मांग करते हुए अदालत में एक चुनावी याचिका और हलफनामा दायर किया है.


विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की इस ऐतिहासिक हार के बाद यह दूसरा मौका है जब ममता बनर्जी को हाई कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े हैं. इससे पहले बीते 14 मई को वह राज्य में हुई चुनाव बाद हिंसा से जुड़े एक मामले में पैरवी के सिलसिले में अदालत आई थीं. 


उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री को वकीलों के एक गुट के भारी विरोध और तीखी नारेबाजी का सामना करना पड़ा था, जहां कोर्ट रूम से निकलते वक्त उनके खिलाफ 'चोर' के नारे भी लगे थे. उस घटना के करीब एक महीने बाद, 16 जून को ममता बनर्जी एक बार फिर बेहद सुरक्षा के बीच हाई कोर्ट परिसर में दाखिल हुईं.


मंगलवार को तृणमूल सुप्रीमो के इस अचानक दौरे से अदालत परिसर में मौजूद लोगों और वकीलों के बीच भारी कौतूहल पैदा हो गया. ममता बनर्जी के साथ इस दौरान टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे. 


अदालत में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और हलफनामे पर हस्ताक्षर करने के बाद ममता बनर्जी तुरंत अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गईं. बाद में उनके वकील ने मीडिया को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट के नतीजों को लेकर इलेक्शन पिटीशन दाखिल की है.


गौरतलब है कि इस बार के बेहद हाई-प्रोफाइल विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से भी अधिक वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है. यह दूसरी बार है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनावी मैदान में पटखनी दी है. 


इससे पहले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को बेहद कड़े मुकाबले में हराया था. दिलचस्प बात यह है कि साल 2021 के नंदीग्राम चुनाव नतीजों के खिलाफ भी ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो मामला आज भी अदालत में विचाराधीन है. 


अब इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ममता बनर्जी साल 2026 के भवानीपुर चुनाव परिणामों को चुनौती देने दोबारा अदालत पहुंच गई हैं. सिर्फ ममता बनर्जी ही नहीं, बल्कि राजारहाट न्यूटाउन विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तापस चटर्जी ने भी अपनी सीट के चुनावी नतीजों को संदिग्ध बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है.


ममता बनर्जी इस चुनाव परिणाम को शुरुआत से ही स्वीकार करने के मूड में नहीं थीं. पिछले 4 मई को मतगणना के दिन से ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए थे. 

उस दिन दक्षिण कोलकाता के साखावत मेमोरियल स्कूल में भवानीपुर सीट की काउंटिंग चल रही थी. मतगणना के कई राउंड बाकी होने के बावजूद ममता बनर्जी शाम को ही काउंटिंग सेंटर छोड़कर बाहर निकल गई थीं. 


उन्होंने आरोप लगाया था कि मतगणना पूरी तरह से 'एकतरफा' और संदिग्ध तरीके से की जा रही थी. इसके साथ ही उन्होंने खुद के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने का सनसनीखेज आरोप भी लगाया था. 


ममता बनर्जी ने भवानीपुर में बड़े पैमाने पर 'वोट लूट' होने का दावा किया था, जिसे अब उन्होंने कानूनी तौर पर अदालत के सामने पेश कर शुभेंदु अधिकारी की जीत को रद्द करने की मांग की है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP