महानदी जल विवाद: ट्रिब्यूनल का निर्देश CWC मध्यस्थता करेगी
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच वर्षों से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी मोड़ आया है. महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों को आपसी बातचीत के जरिए सर्वसम्मति से हल निकालने की सलाह दी है. इस पूरे मध्यस्थता प्रयास में केंद्रीय जल आयोग (CWC) और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय मुख्य भूमिका निभाएंगे.
ट्रिब्यूनल में हुई सुनवाई के बाद ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों को सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत करने का परामर्श दिया है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता से अगले दो महीनों के भीतर एक सर्वमान्य समाधान फार्मूला तैयार होने की प्रबल संभावना है.
दशकों पुराने इस जल बंटवारे के विवाद के कारण दोनों राज्यों के बीच अक्सर राजनीतिक और प्रशासनिक तनाव की स्थिति बनी रहती थी.
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रिब्यूनल का यह निर्देश दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच वर्षों से जारी मुकदमेबाजी को समाप्त करने और सहकारी जल प्रबंधन की दिशा में एक अत्यंत सकारात्मक कदम है.
मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को तय की गई है, जिसमें मध्यस्थता वार्ता की प्रगति की समीक्षा की जाएगी.