न्यूयॉर्क कोर्ट में बोले मादुरो- मैं निर्दोष हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं
न्यूयॉर्क । डेस्क: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में स्वयं को निर्दोष बताया. अमेरिका द्वारा कराकस स्थित उनके आवास पर सैन्य कार्रवाई के बाद जबरन हिरासत में लिए जाने के करीब 60 घंटे बाद मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अदालत में पेश किया गया. दोनों ने नार्को-आतंकवाद और अवैध हथियार रखने से जुड़े गंभीर आरोपों में दोष स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान 63 वर्षीय मादुरो ने न्यायाधीश से कहा, “मैं निर्दोष हूं, मैं दोषी नहीं हूं. मैं एक सभ्य व्यक्ति हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं.” हालांकि न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि विस्तृत बयान देने का अवसर बाद में मिलेगा. मादुरो ने अदालत में नोट्स बनाए और उन्हें अपने पास रखने की अनुमति भी मांगी. उन्होंने फिलहाल जमानत के लिए आवेदन नहीं किया. दंपती की अगली सुनवाई 17 मार्च को तय की गई है.
मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस ने खुद को वेनेजुएला की “प्रथम महिला” बताया, लेकिन न्यायाधीश ने उन्हें भी औपचारिक दायरे में रहने को कहा. दोनों ने यह भी कहा कि वे वेनेजुएला के कांसुलर अधिकारियों से मुलाकात का स्वागत करेंगे. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में अपने आधिकारिक पदों को रेखांकित कर मादुरो दंपती भविष्य में यह दलील दे सकते हैं कि अमेरिका को किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष पर अधिकार क्षेत्र नहीं है.
अमेरिकी अभियोग पत्र 25 दिसंबर को गोपनीय रूप से दायर किया गया था, जिसे शनिवार को सार्वजनिक किया गया. इसमें मादुरो पर “भ्रष्ट और अवैध सरकार” का नेतृत्व करने का आरोप है, जो बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी नेटवर्क के जरिए अमेरिका में हजारों टन कोकीन की आपूर्ति करता रहा. इस मामले में मादुरो और फ्लोरेस के अलावा चार अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें उनका बेटा निकोलस मादुरो गुएरा शामिल है, जो फिलहाल फरार है और उसने समर्थकों को भेजे ऑडियो संदेश में “हम जीतेंगे” कहा है.
चार धाराओं वाले इस अभियोग में नार्को-आतंकवाद की साजिश, कोकीन आयात की साजिश, मशीनगन और विध्वंसक हथियार रखने तथा उनके लिए साजिश रचने जैसे आरोप शामिल हैं. अमेरिकी कानून के तहत इन आरोपों में अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है. यह अभियोग 2020 में दायर पुराने मामले का संशोधित रूप है, जिसमें इस बार फ्लोरेस का नाम भी जोड़ा गया है.
मादुरो की ओर से चर्चित आपराधिक वकील बैरी पोलैक पैरवी कर रहे हैं, जो इससे पहले विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे का बचाव कर चुके हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला वर्षों तक चल सकता है. अंतर्राष्ट्रीय कानून के जानकारों ने कराकस में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, हालांकि ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिकी कानून के तहत “पुलिस कार्रवाई” करार दे रहा है.
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने टीवी इंटरव्यू में कहा कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी और हथियारों के खिलाफ थी, न कि वेनेजुएला के खिलाफ युद्ध. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए वेनेजुएला के तेल और संसाधनों तक “पूर्ण पहुंच” की बात कही और दावा किया कि अमेरिका वहां स्थिरता आने तक भूमिका निभाएगा.
मादुरो की संभावित कानूनी रणनीति 1990 में अमेरिकी हमले के बाद गिरफ्तार किए गए पनामा के शासक मैनुअल नोरिएगा के मामले से मिलती-जुलती मानी जा रही है. हालांकि नोरिएगा की तरह ही मादुरो की यह दलील भी कमजोर पड़ सकती है, क्योंकि अमेरिका उन्हें वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं देता, खासकर 2024 के विवादित चुनावों के बाद.
वेनेजुएला की नई अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो को वापस करने की मांग की है. हालांकि बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए अमेरिका के साथ “सम्मानजनक संबंध” और सहयोग की बात भी कही. इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कानून और संप्रभुता पर नई बहस छेड़ दी है.