मधुबाला के जीवन में भरी थी कड़वाहट
मधुबाला के जीवन में मधु नहीं था
मुंबई । मनोरंजन डेस्क: मधुबाला, वह नाम जो भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग में चांदनी की तरह चमका. उनकी मुस्कान में मासूमियत थी, आंखों में सपने और अभिनय में जादू था. लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी उतनी ही दर्दनाक थी, जितनी उनकी फिल्में रोमांटिक थीं. मधुबाला और किशोर कुमार की प्रेम कहानी, जो कभी सुर्खियों में थी, एक ऐसी त्रासदी बन गई जिसने उनके चाहने वालों का दिल तोड़ दिया.
मधुबाला का दिल कमजोर था, यह बात उनके करीबी जानते थे. जब डॉक्टरों ने उन्हें सामान्य वैवाहिक जीवन की उम्मीद छोड़ने की सलाह दी, तो यह खबर किशोर कुमार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी. दोनों का विवाह 1960 में हुआ था, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक खुशियों का साथी नहीं बन सका.
मधुबाला की बहन मधुर भूषण (जाहिदा) ने एक इंटरव्यू में राज खोला था कि जब मधुबाला की बीमारी का पता चला, तो किशोर कुमार ने उन्हें उनके पिता के घर छोड़ दिया था.
मधुर के अनुसार, किशोर ने कहा कि वह अपने व्यस्त काम के कारण मधुबाला की देखभाल नहीं कर सकते. हालांकि, वह उनके इलाज का खर्च उठाते थे और हर दो महीने में उनसे मिलने आते थे. मधुर ने यह भी बताया कि मधुबाला ताउम्र सच्चे प्यार के लिए तरसती रहीं, और न केवल दिलीप कुमार बल्कि किशोर कुमार ने भी उन्हें धोखा दिया.
मधुबाला की सेहत दिन-ब-दिन बिगड़ती गई, और किशोर, जिनके गीतों में जिंदगी की मस्ती बसी थी, इस दर्द को सह न सके. आखिरकार, उन्होंने मधुबाला को अकेला छोड़ दिया, और वह अपने कमजोर दिल और टूटे सपनों के साथ जूझती रहीं.
उनकी जिंदगी एक ऐसी फिल्म थी, जिसमें हंसी के पल कम और आंसुओं की कहानी ज्यादा थी. 1969 में, मात्र 36 साल की उम्र में, वह दुनिया को अलविदा कह गईं. उनकी कहानी आज भी हमें याद दिलाती है कि चमकते सितारे भीतर से कितने टूटे हुए हो सकते हैं.
मधुबाला ने 1940 के दशक की शुरुआत से लेकर 1960 के दशक के मध्य तक के अपने करियर में 73 हिंदी-भाषा की फ़िल्मों में काम किया. उन्होंने 9 साल की उम्र में रोमांटिक म्यूज़िकल बसंत (1942) में एक बिना श्रेय वाली भूमिका निभाकर अपनी शुरुआत की थी.
मधुबाला की किशोर के साथ फिल्म में दे दे मेरा पांच रुप्पया बारह आना वाली गाना आज भी बड़े चाव से सुना जाता है. बालीवुड के इतिहास में मधुबाला को सबसे सुंदर भारतीय महिला के रूप में भी जाना जाता है. आज भी किसी नई एक्ट्रेस की तुलना मधुबाला के सौंदर्य से किया जाता है.
मधुबाला अपनी आखिरी फिल्म 'ज्वाला' के फिल्मांकन के दौरान बीमार पड़ गई थीं. फिर 23 फरवरी, 1969 को एक्ट्रेस का निधन हो गया.