एलपीजी संकट: सरकार की पैनिक बुकिंग न करने और PNG अपनाने की अपील
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खाड़ी देशों और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि वैश्विक शिपिंग बाधाओं के चलते कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं.
स्थिति को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं से एलपीजी सिलेंडरों की 'पैनिक बुकिंग' न करने की अपील की है और सक्षम परिवारों को तत्काल पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट होने का सुझाव दिया है.
मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में करीब 33.3 करोड़ परिवार एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 60 लाख उपभोक्ता आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं, जिससे एलपीजी की मांग का दबाव कम होगा.
संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 1 मार्च को जहां प्रतिदिन 55 लाख बुकिंग हो रही थी, वहीं गुरुवार तक यह आंकड़ा बढ़कर 76 लाख पर पहुंच गया.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जा रही है.
आपूर्ति बनाए रखने के लिए घरेलू रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 5 मार्च से उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
साथ ही, शिपिंग मंत्रालय ने एलपीजी जहाजों को बंदरगाहों पर प्राथमिकता के आधार पर 'बर्थिंग' देने का फैसला किया है. फिलहाल सरकार ने आपूर्ति के लिए घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी है, जबकि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बायोमास और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन अपनाने को कहा गया है.