लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा
नई दिल्ली । डेस्क: अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर और दुनिया के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है. 39 वर्षीय मेसी ने स्पेन के खिलाफ विश्व कप 2026 के फाइनल में मिली 1-0 की हार के बाद अपने 20 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगाने का फैसला किया.
सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए मेसी ने लिखा कि राष्ट्रीय टीम को छोड़ना उनके लिए बेहद दर्दनाक है, लेकिन वे जानते हैं कि युवा खिलाड़ियों को आगे आने का मौका देने का यही सही समय है. उन्होंने हमेशा अपनी जर्सी और देश के लिए अपना सब कुछ दिया है और वे हमेशा अर्जेंटीना के समर्थक बने रहेंगे.
वर्ष 2011 से अर्जेंटीना की कप्तानी संभालने वाले मेसी ने अपनी टीम को 2022 में यादगार विश्व कप खिताब दिलाया था. अपने करियर में 207 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 125 गोल और 68 असिस्ट दर्ज करने वाले इस स्टार खिलाड़ी ने अर्जेंटीना को दो कोपा अमेरिका और एक फिनालिसीमा का खिताब भी जिताया.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहने के बावजूद मेसी अमेरिकी क्लब इंटर मियामी के लिए खेलते रहेंगे.
लियोनेल आंद्रेस मेसी कुच्चित्तिनी
गौरतलब है कि लियोनेल आंद्रेस मेसी कुच्चित्तिनी, जिन्हें दुनिया भर में लियोनेल मेसी के नाम से जाना जाता है, अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर हैं और आधुनिक युग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उनका जन्म 24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में हुआ था.
बचपन में उन्हें ग्रोथ हॉर्मोन डेफिशिएंसी की समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन तेरह साल की उम्र में एफसी बार्सिलोना ने उन्हें अपनी अकादमी ला मासिया में शामिल कर लिया और उनके इलाज का खर्च भी उठाया. इसी क्लब से उनका करियर शुरू हुआ और वे जल्द ही विश्व फुटबॉल के सितारे बन गए.
बार्सिलोना में 2004 से 2021 तक उन्होंने लगभग सत्रह साल बिताए, जहाँ 778 मैचों में 672 गोल करके क्लब के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर बने. इस दौरान उन्होंने दस ला लीगा खिताब, चार चैंपियंस लीग, सात कोपा डेल रे और कई अन्य ट्रॉफियां जीतीं. 2012 में एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.
2021 में वित्तीय कारणों से बार्सिलोना छोड़कर पेरिस सेंट-जर्मेन चले गए, जहाँ दो लीग 1 खिताब हासिल किए. 2023 से वे अमेरिकी क्लब इंटर मियामी के लिए खेल रहे हैं और कप्तान भी हैं. वहाँ उन्होंने लीग्स कप, सपोर्टर्स शील्ड और 2025 में क्लब का पहला एमएलएस कप जिताया. कुल मिलाकर वे फुटबॉल इतिहास में सबसे अधिक टीम ट्रॉफियां जीतने वाले खिलाड़ी हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेसी ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक से अधिक समय तक खेला. 2005 में डेब्यू करने के बाद वे देश के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने. लंबे इंतजार के बाद 2021 में कोपा अमेरिका, 2022 में फाइनलिसिमा और उसी साल कतर में फीफा विश्व कप जिताकर अर्जेंटीना को छत्तीस साल बाद विश्व चैंपियन बनाया.
2024 में फिर कोपा अमेरिका जीता. 2026 विश्व कप में भी उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया, जहाँ स्पेन से हार हुई, लेकिन उनके प्रदर्शन ने कई रिकॉर्ड तोड़े. 31 अगस्त 2026 को उन्होंने भावुक पोस्ट के जरिए राष्ट्रीय टीम से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी.
व्यक्तिगत उपलब्धियों में मेसी के पास आठ बैलन डी’ओर हैं, जो किसी भी खिलाड़ी का रिकॉर्ड है. इसके अलावा छह यूरोपियन गोल्डन शू, कई फीफा बेस्ट प्लेयर पुरस्कार और अनगिनत अन्य सम्मान उनके नाम हैं. करियर में उन्होंने नौ सौ से अधिक गोल और चार सौ से अधिक असिस्ट दिए हैं. निजी जीवन में वे एंटोनेला रोकुजो से विवाहित हैं, जो उनकी बचपन की दोस्त हैं.
उनके तीन बेटे हैं-थियागो, मातेओ और सिरो. परिवार उनके जीवन का केंद्र है और वे मैदान से बाहर सामान्य पिता और पति की भूमिका निभाने पर जोर देते हैं. हाल ही में उनके पिता जॉर्ज मेसी का भी निधन हो गया था.
मेसी की ड्रिब्लिंग, दृष्टि, पासिंग और निर्णायक क्षणों में प्रदर्शन ने उन्हें न केवल आंकड़ों बल्कि प्रशंसकों के दिलों में अमर बना दिया है. उनकी कहानी मेहनत, दृढ़ता और सपनों को साकार करने की प्रेरणा है.