ब्रह्मांड के कॉस्मिक डॉन का प्रकाश मिला
नई दिल्ली । डेस्क: चिली के आंडीज पर्वतों में स्थापित एक टेलीस्कोप ने 1300 करोड़ साल पुराने कॉस्मिक डॉन के प्रकाश को पकड़ लिया है. यह वह समय था जब बिग बैंग के बाद पहली बार तारे जन्मे, स्थान और काल का उदय हुआ, और आकाशगंगाएँ बनने लगीं. इस खोज ने वैज्ञानिकों को आश्चर्यचकित कर दिया है, क्योंकि इतने प्राचीन माइक्रोवेव विकिरण को पृथ्वी पर स्थित टेलीस्कोप से पकड़ना एक असाधारण उपलब्धि है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग 1370 करोड़ साल पहले बिग बैंग के बाद पहली बार तारे और आकाशगंगाएँ बनीं. यह ब्रह्मांड का वह प्रारंभिक समय था, जब अंधकार को चीरकर मानो सुबह का प्रकाश फैला. इसे ही 'कॉस्मिक डॉन' कहते हैं. उन तारों का प्रकाश, जो करोड़ों साल पहले नष्ट हो चुके हैं, आज भी ब्रह्मांड के कोने-कोने में बिखरा हुआ है.
उत्तरी चिली के आंडीज पर्वतों पर स्थापित 'क्लास' (कॉस्मोलॉजी लार्ज एंगुलर स्केल सर्वेयर) टेलीस्कोप ने इस विकिरण को पकड़ा. ये टेलीस्कोप विशेष रूप से इस कार्य के लिए डिज़ाइन किये गये हैं और इन्हें उच्च पर्वतीय क्षेत्र में इसलिये स्थापित किया गया, ताकि वायुमंडल की बाधाएँ कम हों और ब्रह्मांड का स्पष्ट दृश्य मिल सके. इन माइक्रोवेव संकेतों की तरंगदैर्घ्य एक मिलीमीटर से भी कम होती है और ये सामान्य कॉस्मिक विकिरण से लाखों गुना कमज़ोर होते हैं. रेडियो सिग्नल, रडार, उपग्रह, या मौसम की छोटी-सी गड़बड़ी भी इन्हें प्रभावित कर सकती है.
इससे पहले कॉस्मिक डॉन के विकिरण हबल और स्पिट्जर जैसे अंतरिक्ष टेलीस्कोपों से मिले थे. लेकिन पृथ्वी पर स्थित टेलीस्कोप से ऐसी खोज पहली बार हुई है. प्रोफेसर और खगोल भौतिकीविद टोबियास मैरिज का कहना है, "यह माना जाता था कि पृथ्वी से इन माइक्रोवेव संकेतों को पकड़ना असंभव है. लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे संभव कर दिखाया." यह खोज ब्रह्मांड के प्रारंभिक इतिहास और स्थान-काल की उत्पत्ति के बारे में नई जानकारी दे सकती है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस डेटा के विश्लेषण से ब्रह्मांड के शैशवकाल और इसके रहस्यों को समझने में मदद मिलेगी. यह खोज खगोल विज्ञान में एक नया अध्याय खोल सकती है, जो हमें हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति के और करीब ले जायेगी.