नेपाल में तबाही से लें सबक, सिक्किम में सभी नए हाइड्रोप्रोजेक्ट रद्द हों: SIBLAC
गंगटोक । डेस्क: नेपाल में हाल ही में आई भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और जलविद्युत परियोजनाओं को हुए भारी नुकसान के बाद सिक्किम के प्रमुख जातीय संगठनों ने केंद्र सरकार से राज्य में सभी नए और प्रस्तावित हाइड्रोप्रोजेक्ट्स को रद्द करने की अपील की है. सिक्किम भोटिया लेपचा एपेक्स कमेटी (SIBLAC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि हिमालयी क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी को देखते हुए विकास नीतियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए.
SIBLAC के संयोजक और सिक्किम बीजेपी के मुख्य सलाहकार त्सेटेन ताशी भोटिया ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि तिब्बत में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के कारण नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में 13 से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं तबाह हो गईं.
इस आपदा ने साबित कर दिया है कि पूरा हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार सिक्किम की नदियों पर बनने वाली नई परियोजनाओं को तुरंत रोके और मौजूदा परियोजनाओं का एक स्वतंत्र व समयबद्ध अध्ययन कराकर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे.
भोटिया ने स्पष्ट किया कि संगठन विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन देश की सीमावर्ती सुरक्षा और पर्यावरण की कीमत पर ऐसा निर्माण स्वीकार्य नहीं है.
गौरतलब है कि सिक्किम खुद अक्टूबर 2023 में ल्होनक झील के फटने से आई भीषण बाढ़ झेल चुका है, जिसने चुंगथांग स्थित 1200 मेगावाट की तीस्ता-III परियोजना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था. SIBLAC का मानना है कि नेपाल की घटना सिक्किम के लिए एक बड़ी चेतावनी है और सरकार को समय रहते कड़े कदम उठाने चाहिए.