कोलकाता: डॉक्टरों, इंजीनियरों और मैकेनिक्स ने मिलकर की असंभव सर्जरी
कोलकाता । डेस्क: कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में 18 साल का एक छात्र को परीक्षाओं से ठीक पहले घर की छत पर पानी टैंक चेक करने गया था. वहां फिसलकर वह चार मंजिला इमारत की छत से नीचे गिर पड़ा और नीचे लगी धातु की स्पाइक वाली गेट के तीरनुमा नुकीले सिरों में उसका बायां हाथ फंस गया. दो बड़े तीर उसके कलाई और हथेली में पूरी तरह धंस गए.
हादसे के बाद परिवार ने मैकेनिक बुलाया, लेकिन गेट को हाथ के बहुत करीब काटने से जलने का खतरा था. इसलिए मैकेनिक ने सुरक्षित दूरी पर काटकर काफी बड़ा हिस्सा हाथ के साथ छोड़ दिया. लड़का खूब ब्लीडिंग के साथ नारायण हेल्थ-आरएन टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज के इमरजेंसी में पहुंचा.
डॉक्टरों के सामने बड़ी मुश्किल थी. इतना बड़ा धातु का ग्रिल हाथ से चिपका हुआ था, जिसे ऑपरेशन थिएटर में ले जाना नामुमकिन था. मेटल कटर से काटने पर गर्मी और चिंगारी से हाथ जल सकता था. ऐसे में अस्पताल के अपने इंजीनियरों, मैकेनिकों और एसी विभाग के तकनीशियनों को बुलाया गया.
सबने मिलकर प्लान बनाया. पहले हैकसॉ से कोशिश की, लेकिन वह काम नहीं आया. फिर इलेक्ट्रिक कटर का इस्तेमाल किया. काटते वक्त लड़के के हाथ पर ठंडा सलाइन पानी की 20 बोतलें डाली गईं और फायर एक्सटिंग्विशर का फोम स्प्रे किया गया ताकि गर्मी और चिंगारी से बचा जा सके. करीब 10 मिनट में गेट का बड़ा हिस्सा अलग कर दिया गया.
इसके बाद लड़के को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर दो धातु के तीरों को सावधानी से निकाला गया. हादसे में उसका दायां हाथ भी टूट गया था, जिसकी दूसरी सर्जरी की गई. अब उसकी हालत स्थिर है और डॉक्टर स्किन ग्राफ्ट की तैयारी कर रहे हैं.
डॉ. सूर्य उदय सिंह (ऑर्थोपेडिक सर्जन) ने बताया कि यह केस बहुत अनोखा था. टीम वर्क से ही लड़के की जान बचाई जा सकी. लड़का हायर सेकेंडरी परीक्षा देने वाला था, लेकिन अब वह अस्पताल में रिकवर कर रहा है.