बांग्लादेश के शरीफ उस्मान हादी के हत्यारे भारत भागे- बांग्लादेश पुलिस
ढाका । डेस्क: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इंकलाब मंच के प्रमुख शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को जानकारी दी कि इस हत्याकांड के दो प्राथमिक संदिग्ध, फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख, गिरफ्तारी से बचने के लिए सीमा पार कर भारत भाग गए हैं.
पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों के फिलहाल भारतीय राज्य मेघालय में छिपे होने की प्रबल संभावना है.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध और संचालन) एस.एन. मोहम्मद नजरुल इस्लाम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि संदिग्धों ने स्थानीय सहयोगियों की मदद से हलुआघाट सीमा के जरिए भारत में प्रवेश किया.
पुलिस जांच के अनुसार, सीमा पार करने के बाद 'पुर्ति' नामक व्यक्ति ने उन्हें रिसीव किया, जिसके बाद 'सामी' नाम के एक टैक्सी ड्राइवर ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर पहुँचाया.
हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये आरोपी किस सटीक तारीख को सीमा पार करने में सफल रहे. फिलहाल इस मामले पर भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
उल्लेखनीय है कि 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी 2024 के उस छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे, जिसने शेख हसीना सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. हादी आगामी 12 फरवरी, 2026 को होने वाले आम चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.
12 दिसंबर को ढाका के बिजोयनगर इलाके में रिक्शा से यात्रा करते समय मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने उन्हें बेहद करीब से सिर में गोली मार दी थी. उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहाँ 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया.
शनिवार को ढाका में उनके जनाजे में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी, जिसके बाद उन्हें उनकी पारिवारिक इच्छा के अनुसार राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया.