केरल में मॉब लिंचिग शिकार के परिवार ने मांगा मुआवजा, शव लेने से इंकार
पलक्कड़ ।डेस्क: केरल के पलक्कड़ जिले के वालयार में चोरी और बांग्लादेशी होने के संदेह में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाले गए छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर राम नारायण बघेल के परिवार ने न्याय मिलने तक शव स्वीकार करने से मना कर दिया है. त्रिशूर मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों ने आरोपियों पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने और 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है.
मृतक की पत्नी ललिता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे केरल से वापस नहीं जाएंगे.
राम नारायण बघेल छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के रहने वाले थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर पर सिर से लेकर पैर तक लगभग 40 गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो हमले की बर्बरता को दर्शाते हैं.
इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि परिजनों का आरोप है कि घटना में 15 से अधिक लोग शामिल थे. व्यापक विरोध के बाद मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है.
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता पर कलंक बताया है.
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से केरल सरकार के साथ समन्वय कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी व तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है.
वहीं, केरल में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विशेष जांच दल के गठन की मांग की है.