कपिल सिब्बल ने AAP सांसदों के विलय को बताया असंवैधानिक
नई दिल्ली । डेस्क: पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और स्वतंत्र राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को पूरी तरह से 'असंवैधानिक' करार दिया है.
शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिब्बल ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, सांसदों का व्यक्तिगत विलय तब तक वैध नहीं है जब तक कि मूल राजनीतिक दल का संगठनात्मक स्तर पर विलय न हो जाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 2014 से ही ऐसी असंवैधानिक गतिविधियों को अंजाम दे रही है, जिससे लोकतांत्रिक मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं.
सिब्बल ने इस दलबदल को 'राजनीतिक साजिश' बताते हुए प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग की ओर इशारा किया.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब व्यवसायी सांसद बनते हैं, तो वे अपने व्यापार को बचाने के लिए दबाव में झुक जाते हैं.
इसके साथ ही, सिब्बल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को कथित तौर पर 'हेलहोल' (नरक) कहे जाने पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि जो प्रधानमंत्री विदेशी मंच पर देश के सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे, उनसे राज्यसभा सभापति द्वारा सांसदों की अयोग्यता पर त्वरित निर्णय लेने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. सिब्बल ने भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को इतिहास के 'सबसे काले दिनों' में से एक बताया.