झीरम घाटी नरसंहार: 13 साल बाद 5 सितंबर को आएगा फैसला, NIA कोर्ट में सुनवाई पूरी
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के चर्चित और भीषण दरभा झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में जगदलपुर स्थित विशेष एनआईए (NIA) कोर्ट अब 5 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी. करीब 13 वर्षों से लंबित इस मामले में अदालत का यह निर्णय 10 आरोपियों के भाग्य का फैसला करेगा. पूर्व में इस मामले में 11 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से एक आरोपी का निधन हो चुका है.
मामले में विशेष एनआईए कोर्ट में सभी पक्षों की सुनवाई 20 अगस्त को ही पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद पहले फैसले की तारीख 31 अगस्त तय की गई थी.
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी. इसी दौरान झीरम घाटी में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर अंधाधुंध हमला कर दिया था.
इस भीषण हमले में 'बस्तर टाइगर' महेंद्र कर्मा, तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल और उदय मुदलियार समेत कई दिग्गजों की जान चली गई थी. हमले में सुरक्षा बल के कई जवान शहीद हुए थे और नागरिकों की भी मौत हुई थी.
इस वारदात ने न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिलाकर रख दिया था और राज्य में कांग्रेस नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को समाप्त कर दिया था. अब 13 साल लंबे इंतजार के बाद एनआईए कोर्ट का फैसला आने जा रहा है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं.