पीएम मोदी की अपील पर भड़के सर्राफा कारोबारी, वाराणसी में 'झालमुड़ी' बेचकर विरोध
वाराणसी । डेस्क: पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील करने पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जौहरी और स्वर्णकार उग्र हो गए हैं. पीएम मोदी के इस बयान और सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) को अचानक 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के खिलाफ दोनों राज्यों में कारोबारी बुधवार से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्वर्णकारों और जौहरियों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने सड़कों पर उतरकर 'झालमुड़ी' बेचना शुरू कर दिया.
स्वर्णकार संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सेठ ने कहा, "देश के लाखों जौहरी और स्वर्ण कलाकार इस व्यापार पर निर्भर हैं. लेकिन पीएम मोदी ने देश से सोना न खरीदने की अपील करने से पहले हमारे बारे में एक सेकंड भी नहीं सोचा. वह बेरोजगारी और भुखम्री को बढ़ावा दे रहे हैं." उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रधानमंत्री ने अपनी अपील वापस नहीं ली, तो जल्द ही देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
उत्तराखंड में भी थमे कारोबारियों के कदम, निकाला कैंडल मार्च
विरोध की यह आग उत्तराखंड तक भी पहुंच चुकी है, जहां गुरुवार को जौहरियों ने पूरी तरह से दुकानें बंद रखीं. ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा, "सोना भारत की सभ्यता और धर्म का अहम हिस्सा है. पीएम के इस बयान ने हमें आर्थिक संकट और हमारे कलाकारों को भुखमरी की कगार पर धकेल दिया है."
वहीं सराफा मंडल के अध्यक्ष सुनील मंसोनी ने बताया कि सरकार के इस फैसले के बाद बुधवार को सोने की कीमत अचानक 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर 1.66 लाख रुपये पर पहुंच गई. सरकार के इस कदम के खिलाफ देहरादून में व्यापारियों ने गुरुवार शाम को एक बड़ा कैंडललाइट मार्च निकाला और सरकार से इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की. Symbolic Photo