जशपुर: 7 मवेशी तस्कर गिरफ्तार, 44 मवेशी मुक्त
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मवेशियों की अवैध तस्करी पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत पुलिस को दो अलग-अलग इलाकों में बड़ी सफलता हासिल हुई है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशानिर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने तपकरा और मनोरा क्षेत्र से कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को मवेशी तस्करों के चुंगल से सुरक्षित बाहर निकाला.
पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में पशु तस्करी से जुड़े किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी गई है.
पहली बड़ी कार्रवाई तपकरा थाना क्षेत्र के सड़वा जंगल में हुई, जहाँ 21 जुलाई की सुबह मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि 28 गौवंशों को अवैध रूप से सीमा पार झारखंड ले जाया जा रहा है. खबर मिलते ही एक्टिव हुई पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर मौके से सात तस्करों को दबोच लिया.
पकड़े गए आरोपियों में झारखंड के सिमडेगा निवासी जगन्नाथ खड़िया, गणेश राणा, रमेश बेहरा, कहरु बेहरा और मनोरंजन बेहरा के अलावा स्थानीय निवासी मोहन यादव (दोकड़ा) और ओडिशा के सुंदरगढ़ का मग दुम खान शामिल हैं.
मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने के कारण पुलिस ने सभी आरोपियों पर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की विभिन्न धाराओं (4, 6 और 10) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया.
दूसरी कार्रवाई मनोरा चौकी क्षेत्र के इंदा घाट स्थित जंगलों में अंजाम दी गई. पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर मवेशियों को जंगल के रास्ते ले जाने की फिराक में हैं. हालांकि, जब पुलिस टीम ने इंदा घाट के जंगल में दबिश दी, तो घना जंगल होने का फायदा उठाकर तस्कर मौके से भागने में सफल रहे.
पुलिस ने यहाँ से 9 गौवंश और 7 भैंसों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेजा. फरार तस्करों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया गया है और पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.