सेना अधिकारी ने स्पाइसजेट कर्मचारियों को पीटा
श्रीनगर । डेस्क: श्रीनगर हवाई अड्डे पर एक सेना अधिकारी द्वारा स्पाइसजेट कर्मचारियों पर हमले का वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तनाव बढ़ गया. इस घटना के बाद सभी दलों के नेताओं ने कार्रवाई की मांग की है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रवक्ता सारा हयात शाह ने इस घटना को "गुंडागर्दी" करार देते ये इसे "शर्मनाक" बताया और सेना से अधिकारी के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की.
पीडीपी की इल्तिजा मुफ्ती ने सवाल उठाया कि ऐसी "बर्बरता" को क्यों बर्दाश्त किया जा रहा है.
घटना 26 जुलाई को हुई, जब कथित तौर पर अतिरिक्त केबिन बैगेज के लिए भुगतान करने को कहा गया, जिससे नाराज होकर अधिकारी ने चार एयरलाइन कर्मचारियों पर हमला किया.
स्पाइसजेट ने बताया कि एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ, जबकि एक अन्य कर्मचारी को बेहोश हुये सहकर्मी की मदद करने के दौरान चेहरे पर लात मारी गई.
पुलिस में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और आरोपी यात्री को डीजीसीए के लेवल 2 या 3 अपराधों के तहत नो-फ्लाई सूची में शामिल किया जा सकता है.
राजनीतिक नेता अब न्याय की मांग कर रहे हैं. रक्षा अधिकारियों ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है. सीआईएसएफ ने कहा कि वह फुटेज की समीक्षा कर रहा है और आवश्यक कदम उठाये जाएंगे.
स्पाइसजेट, जिसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दी है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है, ने कहा कि वह इस मामले को "कानूनी और नियामक निष्कर्ष" तक ले जायेगा.
इस विवाद ने प्रोटोकॉल, विशेषाधिकार और वर्दीधारी कर्मियों के लिये नागरिकों के समान मानकों को लागू करने के सवालों को फिर से जन्म दिया है.