काला हिरण शिकार में सलमान को धनखड़ ने बचाया था
मुंबई । मनोरंजन डेस्क: जोधपुर, 1998 की एक घटना ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को सुर्खियों में ला दिया था, जब उन पर फिल्म "हम साथ-साथ हैं" की शूटिंग के दौरान काला हिरण शिकार का आरोप लगा. इस मामले में वकील जगदीप धनखड़ ने सलमान और उनके सह-कलाकारों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, और सोनाली बेंद्रे की ओर से जोधपुर कोर्ट में पैरवी की थी.
धनखड़ ने सलमान को जमानत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके सहायक वकील प्रवीण बालवाड़ा ने "इंडिया टुडे" को बताया, "1998 में जब जोधपुर पुलिस ने सलमान को गिरफ्तार किया, तब जगदीप धनखड़ पहले वकील थे जिन्होंने उनकी ओर से कोर्ट में पैरवी की और उन्हें जमानत दिलाई."
हालांकि, बाद में इस मामले में धनखड़ ने सलमान की पैरवी नहीं की.
उसी वर्ष एक साक्षात्कार में धनखड़ से पूछा गया था कि क्या सलमान ने काला हिरण का शिकार किया था.
उन्होंने वकील की तरह जवाब देते हुये जांच पर सवाल उठाये और कहा, "शूटिंग सेट पर 300 लोग मौजूद थे. घटना कब और कैसे हुई, कोई क्यों नहीं जानता?"
उन्होंने कोर्ट में सलमान के व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद सलमान ने पुलिस का सहयोग किया, जिसके आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिये. धनखड़ ने ग्रामीणों के बयानों पर भी सवाल उठाये थे.
2018 में जोधपुर कोर्ट ने सलमान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी ठहराया. उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में दो दिन बिताने पड़े, लेकिन बाद में 50,000 रुपये के निजी मुचलके और कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई.
यह मामला 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत था, क्योंकि काला हिरण को दुर्लभ प्रजाति माना जाता है.
जगदीप धनखड़ का नाम हाल ही में फिर से चर्चा में आया है. 2003 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने 2016 तक पार्टी के कानूनी विभाग को संभाला.
2019 में वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने और 2022 में इस्तीफा देकर एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने, जिसमें वे विजयी रहे.
हाल ही में, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुये उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे लेकर विपक्ष ने असहमति जताई है. धनखड़ का यह सफर एक बार फिर उन्हें चर्चा का केंद्र बना रहा है.