जगदलपुर: इंटर्न डॉक्टरों ने झालमुरी बेचकर जताया विरोध
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है. हड़ताल के चौथे दिन डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा रास्ता अपनाते हुए कॉलेज परिसर में झालमुरी बेची.
इस सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से इंटर्न डॉक्टरों ने शासन का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर खींचने की कोशिश की.
आंदोलनरत डॉक्टरों का कहना है कि लगातार 30 से 36 घंटे तक कठिन ड्यूटी देने और मरीजों की प्राथमिक देखभाल में अहम भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें प्रतिमाह महज 15,900 रुपये का स्टाइपेंड मिल रहा है.
डॉक्टरों का तर्क है कि देश के अन्य राज्यों में इंटर्न को 30 से 40 हजार रुपये तक दिए जा रहे हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में NEET जैसी जटिल परीक्षा उत्तीर्ण करने और लाखों रुपये खर्च कर पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों को उनके काम के अनुरूप भत्ता नहीं मिल रहा.
प्रदर्शन में शामिल डॉक्टर ऋषभ बेहरा और प्रियंका पैकरा ने बताया कि झालमुरी बेचने का मकसद यह दर्शाना था कि आज एक आम व्यापारी भी दैनिक खर्च आसानी से निकाल लेता है, लेकिन एक डॉक्टर बनने के बाद भी उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, यह आंदोलन जारी रहेगा.
उल्लेखनीय है कि चौथे दिन में प्रवेश कर चुकी इस हड़ताल को लेकर डॉक्टरों का रुख कड़ा बना हुआ है. इससे पूर्व भी वे बाइक रैली और दंतेश्वरी मंदिर के पास नुक्कड़ नाटक के जरिए शासन तक अपनी आवाज पहुंचा चुके हैं. वर्तमान में इस आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन भी प्राप्त हो गया है, जिससे यह मुद्दा और गहराता नजर आ रहा है.