ईरान पर इसरायल ने हमला बोला, सेना प्रमुख व कई वैज्ञानिक मारे गए
अभी-अभी ईरान पर इसरायल ने हमला बोला
नई दिल्ली । डेस्क: शुक्रवार को इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया है और अपने यहां आपातकाल लगा लिया है. आपातकाल, जवाबी हमले की आशंका को देखते हुये लागू किया गया है. इधर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने कहा कि इजरायल ने ईरान पर हालिया हमलों के साथ अपने लिए 'कड़वी और दर्दनाक नियति' तैयार कर ली है और 'उसे इसका सामना अवश्य करना पड़ेगा.'
न्यूयॉर्क टाइम्स ने चार अज्ञात वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इजरायली सेना ने तेहरान के आसपास कम से कम छह सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
सूत्रों ने बताया कि परचिन सैन्य परिसर को निशाना बनाया गया, साथ ही सैन्य कमांडरों के लिए दो अत्यधिक सुरक्षित परिसरों के आवासीय घरों और कई आवासीय भवनों को भी निशाना बनाया गया. ऐसा प्रतीत होता है कि यह लक्षित हत्या थी.
इज़रायली सेना ने कहा है कि उसने तेहरान के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरानी सैन्य और परमाणु स्थलों पर हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आवश्यक होगा.
इसरायल के रक्षामंत्री कात्ज़ ने कहा- "ईरान पर इसराइल के हमले के बाद हमारी आबादी पर मिसाइल या फिर ड्रोन हमले की आशंका है. ऐसे में आवश्यक क्षेत्रों को छोड़कर, शैक्षणिक गतिविधियों, समारोहों और कार्यस्थलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है."
इज़रायली सेना रेडियो का कहना है कि हवाई हमलों के अलावा, इज़रायली बाहरी खुफिया सेवा मोसाद ने ईरान के अंदर कुछ तोड़फोड़ की गतिविधियाँ और हमले किए हैं.
इज़रायली मीडिया में कई रिपोर्टें और लीक हैं, जिनमें न केवल ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष प्रमुख की हत्या की बात है, बल्कि प्रमुख शिक्षाविदों और परमाणु वैज्ञानिकों के अलावा बड़ी संख्या में वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या की बात भी है.
इजराइली हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हुसैन सलामी की मौत हो गई है. हुसैन सलामी की लीडरशिप में IRGC ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को संभालता था.
हमले में ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद बाघेरी, सेना के अन्य बड़े अधिकारी, ईरान के दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद मेहदी तेहरांची और फेरेदून अब्बासी मारे गए हैं.
यह बहुत बड़े पैमाने पर हमला है, न केवल सैन्य प्रतिष्ठानों पर, बल्कि उन लोगों पर भी जो संभावित रूप से यह निर्णय ले सकते हैं कि ईरान आगे क्या कर सकता है, ईरान इस हमले का कैसे जवाब दे सकता है, जो इस समय भी जारी है.
एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि ये हमले "ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य सैन्य ठिकानों के ख़िलाफ़ हैं."
एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल (एनआईएसी) ने कहा कि इजरायल का “ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर हवाई हमला … अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत कानूनी औचित्य का अभाव था.”
एनआईएसी ने कहा कि इस ऑपरेशन ने “अनावश्यक रूप से कई निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डाल दिया.” ईरानी मीडिया ने महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मौत की खबर दी है.
"इस घटना की पूरी सीमा अभी भी अस्पष्ट है, लेकिन एक बात स्पष्ट है: संयुक्त राज्य अमेरिका को शामिल करने वाले पूर्ण पैमाने के युद्ध का जोखिम पहले से कहीं अधिक है - और इस तरह के युद्ध के भयावह परिणाम हो सकते हैं."
उधर ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी नूर न्यूज़ ने पुष्टि की है कि तेहरान के उत्तर पूर्वी इलाकों में विस्फोटों की आवाज़ सुनी गई है.
पहले ही सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि अमरीकी अधिकारियों को बताया गया है कि इजरायल ईरान में सैन्य अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
अमरीका को आशंका है कि ईरान अपने पड़ोसी देश इराक में कुछ अमरीकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है. यही कारण है कि अमरीका ने बुधवार को अपने नागरिकों को इराक छोड़ने के लिये एडवाइजरी जारी की थी.
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा है कि उनका देश वाशिंगटन के साथ निरंतर वार्ता कर रहा है, लेकिन ईरान पर हमला करने का उसका निर्णय एक स्वतंत्र इजरायली कदम है.
सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार के दौरान जब डैनन से पूछा गया कि क्या इजरायल को उम्मीद है कि ईरान की प्रतिक्रिया के मामले में अमेरिका उसकी सहायता करेगा, तो उन्होंने कहा कि वह "अटकलबाजी में नहीं पड़ना चाहते."