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इजरायल ने 27 माह में 72,263 फिलिस्तीनियों को मारा

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24 मार्च 2026, 12:13 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

फ्रांसेस्का अल्बानीस
फ्रांसेस्का अल्बानीस

न्यूयार्क । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत फ्रांसेस्का अल्बानीस ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों और वहां की मौजूदा स्थिति पर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं. इस रिपोर्ट में सामने आया है कि अक्टूबर 2023 से शुरू हुए भीषण संघर्ष के पिछले 27 महीनों के दौरान इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में गाजा में कम से कम 72,263 लोगों की जान जा चुकी है. इसके अलावा, करीब 1,71,944 लोग घायल हुए हैं, जो इस क्षेत्र में मानवीय संकट की भयावहता को दर्शाता है. 


संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए अल्बानीस ने स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल को फिलिस्तीनियों पर अत्याचार करने का जैसे 'लाइसेंस' मिल गया है. उन्होंने इसके लिए वैश्विक समुदाय और विभिन्न देशों की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया, जिन्होंने समय रहते इन कार्रवाइयों पर अंकुश नहीं लगाया. 

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रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने यातना को एक 'राज्य नीति' के रूप में अपना लिया है, जहां शारीरिक और मानसिक पीड़ा देना अब गुप्त नहीं बल्कि सार्वजनिक और संगठित स्तर पर हो रहा है.


अल्बानीस की 'यातना और नरसंहार' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि यह हिंसा केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि घेराबंदी, भोजन और सहायता की जानबूझकर की जा रही कमी, और निरंतर विस्थापन के माध्यम से पूरे फिलिस्तीनी समाज को सामूहिक दंड दिया जा रहा है. 


कब्जे वाले वेस्ट बैंक में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां अक्टूबर 2023 के बाद से इजरायली अधिकारियों ने 18,500 से अधिक फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 1,500 से अधिक बच्चे शामिल हैं. 


अल्बानीस का तर्क है कि जिस तरह से जीवन की आवश्यक परिस्थितियों को नष्ट किया जा रहा है, वह नरसंहार की श्रेणी में आता है और इसके दूरगामी परिणाम होंगे. 


हालांकि, इजरायल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. 


इजरायली मिशन ने अल्बानीस को 'अराजकता का एजेंट' बताते हुए उन पर पक्षपाती होने और यहूदी विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. 


इजरायल का कहना है कि वे केवल अपनी सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं. 


इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मौत के आंकड़े और संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट इजरायल पर वैश्विक दबाव को बढ़ा रही है. अल्बानीस ने चेतावनी दी है कि यदि विश्व अब भी चुप रहा, तो अंतरराष्ट्रीय कानून अपनी सार्थकता खो देगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP