क्या यूएई और ईरान के बीच परदे के पीछे खत्म हो रही है दुश्मनी?
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में महीनों से जारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के लिए अरबों डॉलर के फंड का रास्ता साफ करने पर सहमति जताई है. रॉयटर्स न्यूज एजेंसी की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने यह रणनीतिक कदम अपने देश पर होने वाले ईरानी हमलों को रुकवाने और अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के बीच अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है.
हालांकि, इस खबर के सामने आते ही यूएई सरकार ने आधिकारिक तौर पर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
हमलों पर रोक के बदले 10 से 20 अरब डॉलर की डील!
क्षेत्रीय राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यूएई और ईरान के बीच परदे के पीछे लंबे समय से बातचीत चल रही थी. दावा है कि यूएई कुल 10 से 20 अरब डॉलर की राशि जारी करने पर सहमत हुआ है, जिसमें से 3 अरब डॉलर की पहली किस्त पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी है.
इस गुप्त समझौते के बदले ईरान ने यूएई पर होने वाले अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों को पूरी तरह रोकने का वादा किया है. गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में हुए ईरानी हमलों ने दुबई की सुरक्षा व्यवस्था और एक सुरक्षित वैश्विक बिजनेस हब के रूप में उसकी छवि को बड़ा नुकसान पहुँचाया था, जिसके बाद यूएई इस संकट का समाधान निकालने के लिए मजबूर हुआ.
'रेड लाइन' पार किए बिना संकट टालने का फॉर्मूला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे व्यापक युद्ध को थामने की दिशा में एक बड़ा रास्ता साबित हो सकता है. इस व्यवस्था से दोनों ही देश अपनी 'रेड लाइन' पार किए बिना अपनी साख बचा सकते हैं.
इस डील के जरिए ईरान अपने घरेलू मोर्चे पर यह दावा कर सकता है कि उसने युद्ध के नुकसान के मुआवजे के रूप में यह रकम वसूली है. वहीं दूसरी ओर, वाशिंगटन यह स्टैंड ले सकता है कि उसने अपनी जेब से ईरान को एक भी पैसा नहीं दिया है. इस बीच, यूएई को अपनी सुरक्षा और दुबई के आर्थिक हितों की रक्षा करने का मौका मिल जाएगा.
यूएई सरकार का तीखा खंडन और आधिकारिक रुख
रॉयटर्स की इस रिपोर्ट के तुरंत बाद यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक सख्त बयान जारी कर इन दावों का खंडन किया है. मंत्रालय ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यूएई से ईरान को किसी भी प्रकार के फंड ट्रांसफर या 3 अरब डॉलर के लेन-देन की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार हैं. यूएई ने साफ किया कि उसकी ओर से किसी भी फ्रीज किए गए ईरानी फंड को रिलीज नहीं किया गया है.
विदेश मंत्रालय ने मीडिया घरानों से अपील की है कि वे ऐसी संवेदनशील खबरों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें और अफवाहों को फैलाने से बचें. हालांकि, एक अन्य यूएई अधिकारी ने माना कि उनका देश क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों का हमेशा समर्थन करता है.
अबू धाबी में हुई थी गुप्त मुलाकात
इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियाँ पिछले कुछ हफ्तों से जुड़ रही थीं. सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत तब तेज हुई जब ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधिकारी पिछले हफ्ते यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से मिलने अबू धाबी पहुंचे थे.
ईरानी अधिकारी कई दिनों तक उनके गेस्ट हाउस में रुके, जिसके बाद यूएई के अधिकारियों ने भी विवरण तय करने के लिए तेहरान का दौरा किया.
बता दें कि यूएई पर आखिरी सीधा ईरानी हमला 4 मई को फुजैरा बंदरगाह पर हुआ था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव को थामने की कवायद शुरू हो गई थी.