भारत रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए साझेदार की तलाश में
नई दिल्ली । डेस्क: भारत की सरकारी खनन कंपनी इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड रेयर अर्थ मैग्नेट के व्यावसायिक उत्पादन के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की कंपनियों के साथ साझेदारी करना चाहती है. इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना है. एक सूत्र ने बताया कि कंपनी इन दोनों देशों से रेयर अर्थ प्रोसेसिंग तकनीक हासिल करने की कोशिश में है, संभवतः सरकारों के बीच बातचीत के जरिए.
इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड ने जापान की कंपनी टोयोटा त्सुशो की इकाई टोयोत्सु रेयर अर्थ्स इंडिया से भी संपर्क किया है, ताकि जापानी कंपनियों के साथ रेयर अर्थ सामग्री के प्रसंस्करण में मदद मिल सके. सूत्र ने बताया कि एक प्रारंभिक बैठक में यह चर्चा हुई कि क्या कोई जापानी कंपनी भारत में मैग्नेट उत्पादन का प्लांट लगा सकती है. टोयोटा त्सुशो और टोयोत्सु रेयर अर्थ्स इंडिया ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
सूत्र के अनुसार, इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड इस साल अपने बोर्ड से व्यावसायिक मैग्नेट उत्पादन की मंजूरी लेने की योजना बना रही है. कंपनी अन्य देशों के साथ रेयर अर्थ खनन और तकनीक साझेदारी पर औपचारिक बातचीत शुरू करना चाहती है. इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड की योजना अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, मलावी और म्यांमार में रेयर अर्थ खनन की संभावनाएं तलाशने की भी है.
भारत में अभी रेयर अर्थ तत्वों को उच्च शुद्धता स्तर तक परिष्कृत करने और अलग करने की व्यावसायिक सुविधाएं नहीं हैं. इस बीच, चीन, जो वैश्विक रेयर अर्थ खनन का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है, ने अप्रैल में कई रेयर अर्थ और संबंधित मैग्नेट के निर्यात पर रोक लगा दी थी. इससे ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है.
इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड के पास वर्तमान में प्रति वर्ष 400-500 मीट्रिक टन नियोडिमियम ऑक्साइड उत्पादन की क्षमता है, जो साझेदारी की शर्तों के आधार पर बढ़ाई जा सकती है. कंपनी एक तकनीकी साझेदार को नियोडिमियम ऑक्साइड की आपूर्ति करने को तैयार है, जो मैग्नेट बनाकर भारत को वापस भेजेगा. भारत में रेयर अर्थ खनन केवल इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड तक सीमित है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग को परमाणु ऊर्जा और रक्षा से जुड़े अनुप्रयोगों के लिए सामग्री उपलब्ध कराती है.
जून में यह खबर आई थी कि भारत ने इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड को जापान के साथ 13 साल पुराने रेयर अर्थ निर्यात समझौते को निलंबित करने के लिए कहा था, ताकि घरेलू आपूर्ति को संरक्षित किया जा सके. इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड और परमाणु ऊर्जा विभाग ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है. जापान का अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय, जो रेयर अर्थ का प्रभारी है, ने भी इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है.