भारतीय सॉफ्टवेयर के जरिये जासूसी- ईरानी अखबार
नई दिल्ली । डेस्क: ईरानी अखबार 'केहान' का दावा है कि इजरायल ने भारतीय सॉफ्टवेयर के जरिये सटीक हमले की तैयारी की थी. ईरान के एक सरकारी अखबार 'केहान' ने हाल ही में एक चौंकाने वाला दावा किया है, जिसमें कहा गया है कि इजरायल ने भारतीय सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके ईरान के गुप्त सैन्य ठिकानों की संवेदनशील जानकारी हासिल की और इसके आधार पर सटीक हमले किये.
हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है.
ईरान के सरकारी समाचार पत्र 'केहान' ने आरोप लगाया है कि भारत, इजरायल और खाड़ी देशों के बीच प्रौद्योगिकी साझेदारी के नाम पर एक जासूसी नेटवर्क बनाया गया है. दावा किया गया है कि ईरान, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे कई देश लंबे समय से भारतीय सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं.
इन सॉफ्टवेयर्स में कथित तौर पर एक 'बैकडोर' मौजूद है, जिसके माध्यम से इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद आसानी से संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकती है. इस सॉफ्टवेयर के जरिये न केवल रियल-टाइम लोकेशन डेटा, बल्कि हवाई अड्डों, नागरिक डेटा, पासपोर्ट सिस्टम और यहां तक कि सैन्य सॉफ्टवेयर तक को गुप्त रूप से नियंत्रित किया गया.
रिपोर्ट में आगे दावा किया गया है कि ईरान, चीन और रूस के साइबर विशेषज्ञों की जांच में यह बात सामने आई है कि भारतीय सॉफ्टवेयर में विशेष कोड मौजूद हैं, जो इजरायल को आसान पहुंच प्रदान करते हैं.
इनके जरिये मोसाद न केवल डेटा चुराने में सफल रही, बल्कि ईरान के सैन्य ढांचे की विस्तृत जानकारी हासिल कर उसे नियंत्रित भी किया. अखबार का कहना है कि हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिनों तक चले संघर्ष में इजरायल ने जो सटीक हमले किये गये उनके पीछे इन सॉफ्टवेयर्स से प्राप्त गुप्त जानकारी थी.
इस खबर के सामने आने के बाद मध्य पूर्व के कई देशों, जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत में हड़कंप मच गया है. ये देश, जो भारतीय सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, इस आरोप को गंभीरता से ले रहे हैं और इसकी जांच में जुट गये हैं.
उल्लेखनीय है कि ईरान और इजरायल के बीच तनाव के दौरान भारत ने शुरू से ही तटस्थ रुख अपनाया था. भारत सरकार ने दोनों देशों से बातचीत के जरिये विवाद सुलझाने की अपील की थी.