ईरान की फीफा से मांग, 'IRGC और हमारे प्रतीकों का अपमान न करे अमेरिका'
तेहरान । डेस्क: ईरानी फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के सामने एक बड़ी शर्त रखते हुए मांग की है कि आगामी विश्व कप के दौरान ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और देश के अन्य सरकारी संस्थानों के सम्मान की पूर्ण गारंटी दी जाए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ताज ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका को उनके सिस्टम के प्रतीकों और विशेष रूप से सैन्य संस्थानों का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है.
उन्होंने फीफा को याद दिलाया कि ईरान ने अपनी योग्यता के दम पर विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है और वे वहां फीफा के मेहमान बनकर जा रहे हैं, न कि अमेरिका या वहां के प्रशासन के. ताज का तर्क है कि यदि अमेरिका और सहयोगी देश मेजबानी कर रहे हैं, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल और उनके प्रतीकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो.
यह कड़ा रुख हाल ही में हुई उस विवादित घटना के बाद सामने आया है, जिसमें मेहदी ताज सहित एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल को कनाडा में प्रवेश करने से रोक दिया गया था. उस समय कनाडाई अधिकारियों ने IRGC के साथ संबंधों का हवाला देते हुए हवा में ही ताज का वीजा रद्द कर दिया था, जिसके कारण ईरानी दल को वापस लौटना पड़ा.
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और कनाडा दोनों ने ही IRGC को एक "आतंकवादी संगठन" के रूप में नामित किया है, जिससे राजनयिक तनाव बना रहता है.
इस घटनाक्रम के बाद फीफा के महासचिव मथियास ग्राफस्ट्रोम ने ईरानी महासंघ को पत्र लिखकर खेद जताया है और तैयारियों पर चर्चा के लिए उन्हें ज्यूरिख आमंत्रित किया है.
जून-जुलाई में होने वाले इस विश्व कप की संयुक्त मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको कर रहे हैं, जहां ईरान को अपने महत्वपूर्ण ग्रुप मैच लॉस एंजिल्स और सिएटल जैसे अमेरिकी शहरों में खेलने हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फीफा इस मांग पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है.