ईरान ने परमाणु केंद्रों पर बनाया अभेद्य 'कंक्रीट कवच'
नई दिल्ली । डेस्क: हालिया सैटेलाइट तस्वीरों ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज कर दी है. प्राप्त इमेजरी से खुलासा हुआ है कि ईरान ने अपने संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को हवाई हमलों से बचाने के लिए उन्हें कंक्रीट के मोटे कवच और मिट्टी की परतों के नीचे छिपाना शुरू कर दिया है.
यह गतिविधि विशेष रूप से तेहरान के पास स्थित पारचिन सैन्य परिसर और इस्फहान परमाणु केंद्र पर देखी गई है, जिन्हें पिछले साल इजरायल और अमेरिका द्वारा निशाना बनाया गया था.
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने 'तालेघन-2' जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों को एक अभेद्य बंकर में तब्दील कर रहा है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी हवाई हमले के प्रभाव को शून्य किया जा सके. इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, इन ठिकानों को पूरी तरह से जमीन में दफन किया जा रहा है, जिससे उनकी पहचान करना और उन्हें सटीक निशाना बनाना लगभग असंभव हो जाएगा.
यह सैन्य तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत एक नाजुक मोड़ पर है.
जेनेवा में हाल ही में हुई बैठक के बाद भी कोई बड़ा 'ब्रेकथ्रू' हासिल नहीं हो सका है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए चागोस द्वीप समूह के सैन्य ठिकाने का उपयोग करने की धमकी दी है.
अमेरिका की ओर से एक दूसरा विमानवाहक पोत भी क्षेत्र में भेजा गया है, जो ईरान के तट से महज 700 किलोमीटर की दूरी पर तैनात है.
दूसरी ओर, ईरान ने अपनी रक्षात्मक स्थिति मजबूत करते हुए रूस के साथ ओमान की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास की घोषणा की है.
पोलैंड जैसे देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह जारी की है, जो इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तनाव कभी भी पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है.