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ईरान पर हमला: ट्रंप बोले- 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की बड़ी लहर अभी बाकी है

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02 मार्च 2026, 07:44 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह मिशन इस "पापी और दुष्ट शासन" के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने तक जारी रहेगा. सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान ट्रंप ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना "प्रचंड और अडिग संकल्प" के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने खुलासा किया कि हालांकि शुरुआत में चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अमेरिकी सेना अपनी समय सीमा से काफी आगे चल रही है और जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक अभियान चलाने में सक्षम है.


शनिवार से शुरू हुए इस संघर्ष ने अब एक व्यापक युद्ध का रूप ले लिया है, जिसमें अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान का सीधा टकराव हो रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए हैं. 


ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के उद्देश्य बिल्कुल साफ हैं. ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसेना का सफाया करना और यह सुनिश्चित करना कि दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक कभी परमाणु हथियार न बना सके. साथ ही, अमेरिका का लक्ष्य ईरान को अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवादी सेनाओं को हथियार और धन मुहैया कराने से रोकना है.


इस युद्ध के तीसरे दिन तक हताहतों की संख्या तेजी से बढ़ी है. अब तक ईरान में कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 4 अमेरिकी सैनिक और 9 इजराइली नागरिकों की भी जान गई है. लेबनान और संयुक्त अरब अमीरात में भी नागरिक हताहत हुए हैं. 


ईरानी मीडिया के अनुसार, सर्वोच्च नेता खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्ते बागेरज़ादेह की भी सोमवार को मौत हो गई, जो शनिवार के हमले में घायल हुई थीं. वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे "शासन परिवर्तन का युद्ध" कहने से इनकार किया, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि शासन बदल चुका है और इससे दुनिया बेहतर होगी. उन्होंने इसे इराक युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि यह अंतहीन सिलसिला नहीं है.


युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है. 


इस बीच, कुवैत में एक 'फ्रेंडली फायर' की घटना में तीन अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमानों को कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने गलती से मार गिराया, हालांकि चालक दल सुरक्षित है.


ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने संसद में कहा कि वे क्षेत्र में अपने लोगों की रक्षा करेंगे, लेकिन फिलहाल किसी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं होंगे. 


दूसरी ओर, ट्रंप ने CNN को दिए साक्षात्कार में चेतावनी दी है कि अभी तो शुरुआत है और ईरान पर "सबसे बड़ी लहर" आनी अभी बाकी है. उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भविष्य के नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका को नहीं पता कि उनका अगला नेता कौन होगा, शायद उन्हें कोई ऐसा मिल जाए जिसे काम करना आता हो.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP