ईरान पर हमले से चीन-रुस नाराज
नई दिल्ली | डेस्क: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने दावा किया है कि देश में नया सुप्रीम लीडर एक-दो दिन के भीतर चुना जा सकता है.
Al Jazeera को दिए इंटरव्यू में अराग़ची ने कहा कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही नए सुप्रीम लीडर के नाम की घोषणा की जा सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तब तक देश की कमान अंतरिम लीडरशिप के हाथों में रहेगी, जिसकी घोषणा पहले ही की जा चुकी है.
अराग़ची ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा किए गए हमले ‘आत्मरक्षा’ में और ‘अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के जवाब’ के रूप में थे.
इस बीच, आयतुल्लाह अली रज़ा अराफ़ी को गार्जियन काउंसिल में जुरिस्ट पद के लिए चुना गया है. यह नियुक्ति अंतरिम लीडरशिप काउंसिल के ढांचे के तहत की गई है.
उधर, चीन ने ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों तथा सुप्रीम लीडर ख़ामेनेई की मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के खिलाफ’ बताया.
चीन के बयान में कहा गया, “ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमला और उनकी हत्या, ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है. यह कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों के विरुद्ध है. चीन इसका सख़्त विरोध और कड़ी निंदा करता है.”
चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की है, ताकि मध्य पूर्व और वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखी जा सके.
इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ख़ामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने इसे ‘मानव नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ एक हत्या’ करार दिया.