शुरुआती जांच में नहीं मिली यौन शोषण या धर्मांतरण की शिकायत- TCS
नई दिल्ली । डेस्क: आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने नासिक इकाई में चल रहे पुलिस मामले के बीच स्पष्ट किया है कि उसकी आंतरिक जांच के शुरुआती दौर में यौन शोषण या धार्मिक धर्मांतरण से जुड़ी कोई भी शिकायत नहीं पाई गई है. कंपनी के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि टीसीएस के एथिक्स या 'पॉश' (Prevention of Sexual Harassment) चैनलों पर अब तक ऐसे किसी भी मामले का रिकॉर्ड नहीं मिला है.
इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच के लिए टीसीएस ने अपनी अध्यक्ष और सीओओ आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में एक आंतरिक जांच दल का गठन किया है, जिसमें डेलॉयट (Deloitte) और लॉ फर्म ट्राईलीगल (Trilegal) के विशेषज्ञों को स्वतंत्र परामर्शदाता के रूप में शामिल किया गया है.
साथ ही, स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति भी बनाई गई है जो इस जांच की समीक्षा करेगी. टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कंपनी ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें नासिक इकाई के बंद होने का दावा किया जा रहा था. कृतिवासन ने पुष्टि की कि केंद्र पूरी तरह चालू है और ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है.
इसके अलावा, टीसीएस ने स्पष्ट किया कि मीडिया में 'एचआर मैनेजर' बताई जा रही निदा खान दरअसल एक प्रोसेस एसोसिएट थीं, जिनके पास भर्ती या नेतृत्व की कोई जिम्मेदारी नहीं थी. कंपनी ने कहा है कि वे जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व गरिमा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.