पेट्रोल-डीजल में विधानसभा चुनाव के बाद भारी बढ़ोतरी के संकेत
नई दिल्ली । डेस्क: पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को अब पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 प्रति लीटर का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
सूत्रों और मैक्वेरी ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर बनी हुई हैं.
अनुमान है कि IOC, BPCL और HPCL जैसी दिग्गज कंपनियों को पिछले महीने ₹2,400 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हो रहा था, जो सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती के बाद घटकर ₹1,600 करोड़ रह गया है.
हालांकि, यह राहत उपभोक्ताओं को नहीं दी गई बल्कि कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही है.
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद आम आदमी को झटका लग सकता है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है.
भारत अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर देश के राजकोषीय घाटे और चालू खाता घाटे पर पड़ने की आशंका है.