ट्रेड डील भारत राष्ट्रीय हित में ही करेगा- पीयूष गोयल
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत केवल तभी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेगा, जब वे देश के हित में हों. मुंबई में एसोचैम (एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित 'विकसित भारत की ओर वैश्विक प्रभाव' सत्र में उन्होंने यह बात कही.
गोयल ने कहा, "अगर भारत को कोई अच्छा व्यापार समझौता मिलता है, तो हम उसे स्वीकार करेंगे. यदि नहीं, तो नहीं. भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देता है."
उद्योगपतियों और उद्यमियों को संबोधित करते हुए, गोयल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र में मानसिकता बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने व्यवसायों से एक-दूसरे का समर्थन करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा, "हमें लक्ष्य, मार्गदर्शन और सोच में बदलाव की जरूरत है. बड़े और छोटे उद्यमों को एक साथ बढ़ना होगा." गोयल ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को अनुसंधान, नवाचार, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिये बड़े पैमाने पर काम करने की सलाह दी.
उन्होंने उद्योगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा, बशर्ते वे अपनी चिंतायें सामने रखें.
गोयल ने आर्थिक सुधारों पर बोलते हुये यूपीए सरकार के समय की चुनौतियों की तुलना में वर्तमान बैंकिंग प्रणाली की मजबूती पर प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा, "यूपीए शासनकाल में बढ़ते एनपीए के कारण बैंकिंग क्षेत्र चरमरा गया था. हमने इसे पारदर्शी तरीके से पुनर्गठित किया है. आज बैंकिंग प्रणाली मजबूत और अच्छा प्रदर्शन कर रही है." उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये सुधारों को दिया.
गोयल ने यह भी घोषणा की कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता 1 अक्टूबर से लागू होगा. यह समझौता, जो पिछले साल 10 मार्च को हस्ताक्षरित हुआ था, भारत की व्यापार कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके तहत, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ देश अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन अमरीकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जतायेंगे, जिससे 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.
इस समझौते के तहत स्विस घड़ियां, चॉकलेट और कटे-पॉलिश किये गये हीरे जैसे यूरोपीय उत्पादों को कम या शून्य आयात शुल्क के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश मिलेगा. ईएफटीए में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं. गोयल ने बताया कि यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ पहले 10 वर्षों में 50 बिलियन डॉलर और अगले पांच वर्षों में अतिरिक्त 50 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा.
इससे पहले शनिवार को, गोयल ने कांदिवली में डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के उन्नत साइबर स्किल सेंटर का उद्घाटन किया. यह केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 1,000 युवाओं को साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिसमें पीएम कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
कांदिवली स्किल एंड करियर सेंटर, जो गोयल के मार्गदर्शन में शुरू किया गया, उत्तर मुंबई के युवाओं और महिलाओं के लिए एक व्यापक कौशल विकास केंद्र के रूप में काम करता है.
उद्घाटन समारोह में गोयल ने कहा, "यह सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि मुंबई के युवाओं और महिलाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने का एक मिशन है."
इस आयोजन में डीएससीआई के सीईओ विनायक गोडसे, किंड्रिल की ग्लोबल हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स उना पुलिजी, किंड्रिल इंडिया के प्रेसिडेंट लिंगराजु सावकर, उद्योग जगत के नेता और युवा शिक्षार्थी मौजूद थे.