बांग्लादेश हिंसा पर भारत का कड़ा रुख, राज्यसभा में बोले विदेश राज्य मंत्री
नई दिल्ली । डेस्क: भारत सरकार ने गुरुवार 29 जनवरी, 202) को राज्यसभा में बांग्लादेश के मौजूदा हालात और वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि नई दिल्ली लगातार ढाका के अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठा रही है.
सरकार ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए इन घटनाओं की गहन जांच करेगी और हत्या, आगजनी और हिंसा के दोषियों को बिना किसी बहानेबाजी के न्याय के कटघरे में लाएगी.
सीपीआई (एम) सदस्य जॉन ब्रिटास द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मंत्री ने बताया कि भारत सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के घरों, व्यवसायों और पूजा स्थलों पर होने वाले हमलों की रिपोर्टों पर लगातार नजर रख रही है.
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अप्रैल, 2025 को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ और विदेश मंत्री ने 16 फरवरी, 2025 को बांग्लादेशी समकक्ष के साथ बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. इसके साथ ही, भारत ने विदेशी मध्यस्थों के साथ भी इस विषय पर चर्चा की है.
केंद्र सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के उस रुख की भी आलोचना की, जिसमें इन हमलों को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता या राजनीतिक मतभेदों का परिणाम बताया गया था.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की "परेशान करने वाली प्रवृत्ति" चरमपंथियों का मनोबल बढ़ाती है और अल्पसंख्यकों के बीच असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है. भारत ने दोटूक शब्दों में कहा है कि बांग्लादेश के सभी नागरिकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करना वहां की सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.