भारत की रोबोटिक सर्जरी ने बढ़ाया मेडिकल टूरिज्म
नई दिल्ली । डेस्क: भारत की रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी में बढ़ती विशेषज्ञता ने इसे अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बना दिया है. कुशल सर्जनों, उन्नत तकनीक और किफायती लागत के कारण भारत जटिल रोबोटिक-असिस्टेड ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है.
रोबोटिक सर्जरी में सटीकता, कम रक्त हानि और तेज रिकवरी जैसे लाभ हैं. बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल के यूरोलॉजी के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शाकिर तबरेज ने बताया कि भारतीय अस्पतालों ने किडनी, लिवर और हार्ट ट्रांसप्लांट में सफलता हासिल की है. भारत ने रोबोटिक ट्रांसप्लांट में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान बनाया है, जहां हजारों सर्जरी विश्वस्तरीय मानकों के साथ की जा रही हैं.
भारत की मेडिकल टूरिज्म इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. भारत, उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल को विकसित देशों की तुलना में कम लागत में प्रदान करती है. देश का सांस्कृतिक धरोहर, विविध व्यंजन और पर्यटन स्थल भी मरीजों को आकर्षित करते हैं. केंद्र सरकार ने भी मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये कई पहल की हैं.
हाल ही में, बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल ने TREAT प्रोग्राम शुरू किया, जो रोबोट-असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट में एक अभूतपूर्व कदम है. इस प्रोग्राम में डोनर और रिसीपिएंट के लिये एक साथ दो रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिससे सर्जिकल सटीकता बढ़ती है और रिकवरी समय कम होता है.
यह प्रोग्राम डोनर की सुरक्षा और रिकवरी को प्राथमिकता देता है, विशेषकर महिलाओं के लिये, जो भारत में अधिकांश किडनी डोनर हैं.
डॉ. मोहन केशवमूर्ति, प्रिंसिपल डायरेक्टर, रेनल साइंसेज, फोर्टिस हॉस्पिटल्स, बेंगलुरु ने कहा, “TREAT सर्जिकल उत्कृष्टता और मरीजों की देखभाल में नया मानदंड स्थापित करता है. यह न केवल जीवित रहने की दर को बेहतर बनाता है, बल्कि मरीजों को उनका जीवन वापस लौटाने में मदद करता है.”