भारत ने NATO की चेतावनी को खारिज किया
नई दिल्ली । डेस्क: भारत ने नाटो प्रमुख मार्क रट्टे की उस चेतावनी को सिरे से खारिज कर दिया है. जिसमें उन्होंने रूस से तेल खरीदने वाले देशों, विशेष रूप से भारत, चीन और ब्राजील पर "100 प्रतिशत द्वितीयक प्रतिबंध" लगाने की बात कही थी.
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दोहरे मापदंडों के खिलाफ चेतावनी दी और देश की ऊर्जा जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने इस विषय पर खबरें देखी हैं और संबंधित घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं. मैं पहले भी कह चुका हूं कि हमारे लोगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इस दिशा में हम वैश्विक परिस्थितियों और बाजार में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर निर्णय लेते हैं."
जायसवाल ने दोहरे मापदंडों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, "हम इस मामले में किसी भी तरह के दोहरे रवैये के खिलाफ चेतावनी देते हैं."
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले बताया था कि भारत ने अपने तेल आयात के स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विस्तारित किया है. यह कदम ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है.
नाटो महासचिव मार्क रट्टे ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी शुल्क लगाने के रुख का समर्थन किया है. इसके अलावा, अमरीकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लूमेंथल ने "रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025" को आगे बढ़ाया है, जिसमें 500 प्रतिशत तक की सजा का प्रावधान है.
इस बीच, भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है. अगला दौर सितंबर में नई दिल्ली में होने वाला है.