ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए भारत को मिला न्यौता
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति बहाली और नए शासन ढांचे की निगरानी के लिए बनाए गए 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए भारत को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है. नई दिल्ली स्थित सूत्रों के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को भारत को यह आमंत्रण प्राप्त हुआ, जिसकी पुष्टि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे राष्ट्रपति ट्रंप के पत्र को साझा करते हुए की है.
ट्रंप की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गाजा में हमास के शासन को समाप्त कर एक 'तकनीकी और अराजनीतिक फिलिस्तीनी समिति' गठित करने का प्रस्ताव है, जिसकी देखरेख यह 'बोर्ड ऑफ पीस' करेगा.
इस बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे और इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शामिल करने की योजना है. हालांकि, भारत ने अब तक इस निमंत्रण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्यौता मिला है. ट्रंप की इस शांति योजना की रूपरेखा सितंबर 2025 में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक के बाद तैयार की गई थी, जिसके बाद हमास शेष 48 बंधकों को रिहा करने पर सहमत हुआ था.
योजना के अनुसार, गाजा के पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग और प्रशासनिक सुधारों की जिम्मेदारी इसी बोर्ड के पास होगी.
हालांकि भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र के दायरे से बाहर किसी भी 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल' (ISF) में अपनी सेना नहीं भेजेगा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने पहले इस शांति योजना का स्वागत करते हुए इसे स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया था.
भारत लंबे समय से इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का पक्षधर रहा है और अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारत इस नए वैश्विक शांति बोर्ड में क्या भूमिका निभाता है.