भारत से लंदन ताजा जामुन का निर्यात
नई दिल्ली । डेस्क: भारत ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में ताजे जामुन से एक नया मील का पत्थर हासिल किया है. एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) ने कर्नाटक से ताजे जामुन का पहला शिपमेंट लंदन के लिए रवाना किया है. अब तक भारत से केवल फ्रोजन जामुन ही निर्यात किया जाता था, लेकिन यह पहला मौका है जब ताजे जामुन को विदेशों में भेजा गया है.
इस शिपमेंट को सीधे एक स्थानीय किसान उत्पादक संगठन (FPO) से प्राप्त किया गया और अनंत ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात किया गया. कंपनी के मालिक पार्थसारथी ने बताया कि इससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा. भारतीय बाजार में जामुन की कीमत थोक बाजार में आमतौर पर 50-60 रुपये प्रति किलो होती है, लेकिन निर्यात के जरिये किसानों को अब करीब 110 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं.
कर्नाटक सरकार के बागवानी विभाग द्वारा अनुमोदित प्लांट क्वारंटाइन सुविधा में पैक किये गये इस शिपमेंट ने भारत के कृषि निर्यात, खासकर देशी फलों के वैश्विक बाजार में विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. APEDA ने कहा कि जामुन की खेती के लिए प्रसिद्ध कर्नाटक, जो इस फल के स्वास्थ्य और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, अब वैश्विक ताजे फल बाजार में अहम भूमिका निभाने के लिये तैयार है.
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का कुल मर्चेंडाइज और सर्विसेज निर्यात 820.93 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.5 फीसदी अधिक है. फलों और सब्जियों का निर्यात भी 5.67 फीसदी से बढ़कर 3.87 अरब डॉलर हो गया. अंगूर, आम, केला और संतरे के बाद अब जामुन भी उन देशी फलों में शामिल हो गया है, जिनकी वैश्विक बाजार में मांग बढ़ रही है.
APEDA ने कहा कि भारत में बागवानी की विविधता निर्यात के लिये बहुत संभावनायें रखती है, और ताजे जामुन का यह शिपमेंट भविष्य में अन्य पारंपरिक फलों को वैश्विक बाजार में पहुंचाने का रास्ता बना सकता है.